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Balrampur News: बहराइच भेज दी गई थी युवक आत्मदाह मामले में की विवेचना

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बलरामपुर। गैड़ास बुजुर्ग के चर्चित राम बुझारत आत्मदाह मामले में घटना के बाद से पुलिस ने दांव-पेंच शुरू कर दिए थे। मामले की दिशा मोड़ने के भी प्रयास किए गए। यही वजह है कि न्याय के लिए करीब दो वर्षों से मृतक की पत्नी कुसुमा भटक रही है।
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दरअसल, राम बुझारत के आत्मदाह करने के बाद पत्नी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष पवन कुमार कनौजिया पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस मामले को दबाने के प्रयास में जुट गई, लेकिन तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने इन कोशिशों पर पानी फेर दिया था। उन्होंने मजिस्ट्रेटी जांच कराकर आत्मदाह की वजह, पुलिस और राजस्व कर्मी की लापरवाही तय करके कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस वजह से जिलाधिकारी और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक में ठन गई थी।
23 अक्तूबर 2023 में हुई इस घटना में लंबी लड़ाई के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी जांच हुई। जून 2024 में जांच पूरी हो गई और थानाध्यक्ष पवन कुमार कनौजिया आरोपी भी बनाए दिए गए। लेकिन एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की विवेचना गैड़ास बुजुर्ग थाने से हटाकर बहराइच कर दी गई, ताकि जिले में घटना की चर्चा को दबाया जा सके। इसके बाद जून में ही पहले जिलाधिकारी और फिर एसपी का स्थानांतरण हो गया था।
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उस समय हुई जांच के बाद अब हाईकोर्ट ने कार्रवाई शुरू की है। तीन नवंबर को फिर मामले की सुनवाई होनी है, जिसमें अभी तक अभियोजना स्वीकृति न होने पर सवाल होना तय माना जा रहा है। मृतक राम बुझारत की पत्नी कुसुमा देवी को अभी भी कार्रवाई का इंतजार है। उनका कहना है कि स्थानीय दबंगों से मिलकर तत्कालीन थानाध्यक्ष ने उनके पति को प्रताड़ित किया। उन्होंने शासन और उच्चाधिकारियों से पुनः मांग की कि दोषियों को सजा दिलाई जाए। फिलहाल स्थानीय पुलिस अधिकारी मामला एसआईटी के पास होने से कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं। सीओ उतरौला राघवेंद्र सिंह ने कहा कि एसआईटी के स्तर से ही कार्रवाई होनी है।
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