बलरामपुर। बाढ़ के बाद अब संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। थाना महराजगंज तराई क्षेत्र के गुलरिहा हिसामपुर के मजरा गौरामाफी में संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। गांव में उल्टी-दस्त का प्रकोप बढ़ गया है। गांव के 24 से अधिक लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में हैं। ग्रामीण ने सीएचसी अधीक्षक तुलसीपुर को सूचना देकर गांव में स्वास्थ्य टीम भेजने की मांग की है।
थाना महराजगंज तराई के गौरामाफी गांव में तीन दिनों से संक्रामक बीमारी का प्रकोप फैला हुआ है। ग्रामीण संतोष कुमार, मोतीलाल, अवधराम, मनोज कुमार, सत्यराम, नंद कुमार, भैरव व गोकुल आदि ने बताया कि संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से लल्ली उर्फ रिंकी (18) की मौत हो गई है।
आरती, शीला, शिवम, शुभम, बिट्टा देवी, आशा, सुभा, रहमत अली, संतोष कुमार, ढोडे, राजेंद्र, मूने, कृष्णावती, मंगरे, छोटकी, कलावती, पूजा व ललिता सहित करीब 24 से अधिक लोग संक्रामक बीमारी का दंश झेल रहे है।
स्वास्थ्य विभाग को कई बार सूचना देने के बाद भी गांव में टीम नहीं भेजी गई है। समय पर इलाज न होने से लोग बीमारी की चपेट से छुटकारा नहीं पा रहे है। समय पर इलाज न होने से गांव में संक्रामक बीमारी की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
इन लोगों ने गांव में सीएचस अधीक्षक तुलसीपुर से टीम भेजने की मांग की है। सीएचसी अधीक्षक तुलसीपुर डॉ. सुमंत सिंह चौहान ने बताया कि सूचना मिली है। गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी जा रही है। शीघ्र ही बीमारी पर काबू पा लिया जाएगा। अधीक्षक ने ग्रामीणों से अपने आसपास साफ सफाई रखने और स्वच्छ जल का सेवन करने की सलाह दी है।