बलरामपुर के ललिया स्थित नंदनगर जुम्मनडीह में मिला तेंदुए का चिह्न ।-संवाद
बलरामपुर। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के बरहवा व बनकटवा रेंज में तेंदुओं के हमले बढ़ते जा रहे हैं। मानव-वन्य जीव के बढ़ते संघर्ष को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। जंगल किनारे बसे ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से स्थायी समाधान कराने की मांग की है। जिले में करीब 300 गांव ऐसे हैं जो जंगल से सटे हुए हैं। इनमें तुलसीपुर व भांभर रेंज के झौव्वा गांव, साखीरेत व मोतीपुर समेत 45 गांवों में अक्सर मानव-वन्य जीव संघर्ष की घटनाएं होती रहती हैं।
बरहवा रेंज के औरहिया लहेरी गांव के पास एक सप्ताह पहले दीपक यादव बाइक से जा रहे थे। तभी गन्ने से निकलकर तेंदुए ने दीपक पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर तेंदुआ भाग गया और दीपक सुरक्षित बच गए। इसी तरह से करीब एक माह पहले चंदनजोत बरगदही गांव में सीमा देवी (14) अपने जानवरों को घर पर चारा खिला रही थीं, तभी तेंदुए ने हमला कर दिया। घर के लोगों सीमा को बचाने के लिए शोर मचाया तो तेंदुआ भाग गया। बरहवा रेंज के साखीरात गांव में करीब दो माह पहले तेंदुए ने मीरा देवी पर हमला करके घायल कर दिया।
लोहे की जाली लगाने का भेजा गया प्रस्ताव
सोहेलवा जंगल से सटे गांवों में जागरूकता कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी ग्रामीणों को जंगली जानवरों से बचाव के तरीके बता रहे हैं। बनकटवा रेंज में झौहना से फटवा गांव तक लोहे की जाली लगाई गई है। इसी तरह से सभी रेंजों में लोहे की जाली लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने पर लोहे की जाली लगाई जाएगी, जिससे मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने में मदद मिल सके। - मनोज कुमार, उप प्रभागीय वनाधिकारी