बलरामपुर। जिले में बहने वाली राप्ती नदी तथा पहाड़ी नालों में हो रहे बालू के अवैध खनन में खनन माफियाओं के साथ अन्य लोगों की मिलीभगत की आशंका बढ़ गई है। बीते दिनों खनन माफिया व पुलिस की मुठभेड़ के बाद सोशल मीडिया में कुछ आडियो वायरल हुए हैं। कहा जा रहा है कि यह आडियो पुलिस व खनन माफियाओं के बीच हो रही बातचीत का है। एसपी ने वायरल आडियो की जांच का आदेश दिया है।
बीते दिनों ललिया थाना में तैनात उपनिरीक्षक व उनकी टीम पर रात में बालू का अवैध खनन कर रहे लोगों ने फायरिंग की थी। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसी घटना के बाद सोशल मीडिया में कुछ आडियो वायरल किए गए। इन आडियो में एक व्यक्ति यह कह रहा है कि साहब लाइन देने के बाद धर पकड़ क्यों की जा रही है।
आडियो में यह भी कहा गया है कि समय से लाइन देने के बाद भी धर पकड़ व फर्जी मुकदमे क्यों लिखे जा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि खनन माफिया बालू खोदने के लिए किसे लाइन दे रहे हैं। चर्चा है कि यह आडियो पुलिस व खनन माफियाओं की बातचीत का है। अब सवाल यह उठता है कि आला अधिकारी जिन्हें अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी दिए हैं यदि वही लोग लाइन देकर यह काम करवा रहे हैं तो फिर अवैध खनन पर अंकुश कैसे लगेगा।
वायरल आडियो को एसपी देवरंजन वर्मा ने गंभीरता से लिया है। एसपी ने बताया कि वायरल आडियो की जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया लगता है कि खनन माफियाओं ने यह आडियो साजिश के तहत पुलिस पर दबाव बनाने के लिए जारी किया है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन रोकने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।