बलरामपुर। जिले में शहर से लेकर गांव तक अवैध तरीके से चल रहे अस्पतालों का जाल फैला हुआ है। हाल ही में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग छापेमारी करके अब तक पांच अस्पताल सील करने का दावा कर रहा है, लेकिन अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई के नाम पर 92 को चिन्हित किया। वहीं 41 अस्पतालों को नोटिस जारी कर विभाग ने खानापूर्ति कर ली है।
स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी वार अवैध अस्पतालों की सूची तैयार कराई है। इसमें चिन्हित किए गए 92 अस्पतालों में से 41 को नोटिस जारी करने व पांच को सील करने का दावा अधिकारी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा अवैध अस्पताल पचपेड़वा में है। पचपेड़वा भारत नेपाल सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है। हैरानी की बात तो यह है कि कई स्थानों पर मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध अस्पताल चलने का मामला आया है। अब इस मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन अलग से जांच की बात कह रहा है।
लापरवाही की हो चुकी कई घटनाएं
पहली अगस्त को गौरा चौराहा क्षेत्र में एक अवैध अस्पताल में इलाज से जच्चा-बच्चा की मौत हो चुकी है। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ। मुकदमा तक दर्ज कराना पड़ा। गौरा थाना क्षेत्र की एक महिला का 29 अक्तूबर 2023 को पचपेड़वा क्षेत्र के जुडीकुइयां में स्थित मिशन अस्पताल एवं जच्चा बच्चा सर्जिकल केंद्र पर ऑपरेशन से बच्चा हुआ। प्रसूता को मृत बच्चा पैदा होने की जानकारी दी गई। यहां पर नवजात को बेचने का मामला आया था।
हो रही कार्रवाई
जिले में अब तक कई अस्पतालों को सील करके मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। अन्य के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है।
डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ
ब्लाक का नाम अवैध अस्पतालों की संख्या
हरैया सतघरवा-05
श्रीदत्तगंज-06
गैड़ास बुजुर्ग-06
तुलसीपुर-14
बलरामपुर-15
पचपेड़वा-20
गैसड़ी-05
रेहरा बाजार- 17
उतरौला-04