बलरामपुर। अप्रैल से जिले की उन गोशालाओं को भरण-पोषण की धनराशि नहीं दी जाएगी, जहां 100 से कम गोवंश संरक्षित होंगे। जिले में छोटी गोशालाओं को बंद कर गोवंश को वृहद गोशालाओं में स्थानांतरित करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
पशुधन विभाग के अनुसार जिन गोशालाओं में 50 से कम गोवंश संरक्षित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बंद किया जा रहा है। पहले चरण में 30 पशु तक संरक्षित सात गोशालाओं को बंद कर गोवंश को नजदीकी गोशालाओं में सुरक्षित कराया जा चुका है। इसके अलावा 50 गोवंश वाली सात अन्य गोशालाओं को भी शीघ्र बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर दिए गए हैं। गोवंश को सुरक्षित रूप से वृहद गोशालाओं में भेजने की प्रक्रिया विभाग की निगरानी में कराई जा रही है। शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।