बलरामपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार तृतीय ने बुधवार को मुकदमों की सुनवाई के दौरान आत्महत्या के लिए उकसाने में पति को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी को छह हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है। मामले में 16 वर्ष बाद फैसला आया है।
महराजगंज तराई क्षेत्र के ग्राम लालपुर लैबुड्डी निवासी छोटकऊ वर्मा ने 13 नवंबर 2011 को विपक्षी पुत्तूलाल वर्मा निवासी जुगलीकला के खिलाफ केस दर्ज कराया था। कहा कि विपक्षी ने उनकी बेटी को मारा पीटा। प्रताड़ित करके आत्महत्या के लिए उकसाया। प्रताड़ना से तंग आकर बेटी ने आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने केस दर्ज करके मामले की जांच की। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पुत्तूलाल को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है। संवाद