बलरामपुर। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शुक्रवार को तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार को तापमान बढ़कर अधिकतम 42 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्मी से राहत के आसार कम हैं और अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। 26 अप्रैल के बाद मौसम में आंशिक बदलाव से राहत मिलने के संकेत आपदा विभाग ने दिए है।
शुक्रवार दोपहर दो बजे तक कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सबसे गर्म तुलसीपुर ब्लॉक के क्षेत्र रहे, वहां का तापमान 42 डिग्री तक दर्ज किया गया, जबकि गैंड़ास बुजुर्ग, पचपेड़वा और रेहरा बाजार क्षेत्र में भी पारा 41 डिग्री से ऊपर रहा। शहरी क्षेत्रों में भी तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहा, जिससे गर्मी का असर हर वर्ग पर साफ दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 26 अप्रैल तक लू (उष्ण लहर) चलने की संभावना है। वर्तमान में हवा की गति कम होने और वातावरण में नमी की कमी के कारण तापमान में लगभग दो डिग्री सेल्सियस तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। गर्मी और लू के चलते बाजारों में दोपहर के समय सन्नाटा नजर आने लगा है। लोग जरूरी काम सुबह या शाम के समय ही निपटा रहे हैं।
26 के बाद बदलेगा मौसम का मिजाज
जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव के भी संकेत मिले हैं। 26 अप्रैल के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हल्की बारिश की शुरुआत हो सकती है। यह प्रभाव धीरे-धीरे पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचेगा। इसके चलते जिले के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है और लू से आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।
यह राहत सीमित समय के लिए ही रहने की संभावना है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें।
ओपीडी में मरीजों की भीड़
गर्मी का प्रकोप बढ़ने से उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला मेमोरियल अस्पताल के ओपीडी व इमरजेंसी में पेट दर्द व उल्टी के मरीज अधिक आ रहे हैं। चिकित्सक धूप से बचाव करने व नींबू पानी पीने का सुझाव दे रहे हैं। शुक्रवार को ओपीडी में मरीजों को अधिक भीड़ दिखी। 450 मरीजों की ओपीडी हुई, जिसमें 260 मरीज उल्टी-दस्त, पेट दर्द व बुखार से प्रभावित दिखे। एनसीडी चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि इन दिनों मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गई है। उनकी ओपीडी में प्रतिदिन 80-85 मरीज पहुंच रहे हैं, इसमें उल्टी-दस्त के मरीज अधिक रहते हैं। सिविल लाइन के राम प्रसाद व पिंटू ने बताया कि गर्मी में टोपी व गमछा लेकर काम पर जाना पड़ता है। धूप के कारण दिन के समय चक्कर आने लगता है।