बलरामपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जिले से जुड़े मनरेगा मामले में राज्य सरकार से सही और पूरा जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने सरकार को चार हफ्ते का समय देते हुए अगली सुनवाई 9 जुलाई तय की है। जिले में आदेश आने के बाद विकास विभाग में खलबली मची है। अधिकारी प्रकरण में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि मामला कोर्ट में चल रहा है, कुछ नहीं कह सकते हैं।
यह मामला अवधेश कुमार श्रीवास्तव की ओर से दाखिल याचिका से जुड़ा है, जिसमें डीएम और जिला कार्यक्रम समन्वयक समेत अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि सरकार की तरफ से जवाबी हलफनामा तो दाखिल किया गया है, लेकिन वह कोर्ट के पहले दिए गए आदेश के मुताबिक नहीं है। इस पर सरकारी वकील ने नया और बेहतर हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार ने चार सप्ताह का समय देते हुए कहा कि नया हलफनामा नियमानुसार दाखिल किया जाए और उसमें संबंधित अधिकारी का व्यक्तिगत शपथ पत्र भी लगाया जाए।