सादुल्लाहनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सादुल्लाहनगर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी और आवश्यक संसाधनों के अभाव के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रतिदिन 150 से अधिक मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध न होने से अधिकांश मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर करना पड़ता है। सबसे अधिक दिक्कत महिला, शिशु और हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को उठानी पड़ रही है।
मानकों के अनुसार सीएचसी में सात विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में यहां केवल दो एमबीबीएस चिकित्सक, एक दंत चिकित्सक और एक आयुष चिकित्सक कार्यरत हैं। नियमित ओपीडी का अधिकांश भार आयुष चिकित्सक संभाल रहे हैं। अस्पताल में एक्सरे मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन प्रशिक्षित एक्सरे टेक्नीशियन नहीं होने से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं अल्ट्रासाउंड सुविधा भी अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। वार्ड बॉय और फार्मासिस्ट के रिक्त पदों का असर भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर पड़ रहा है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विजय भान ने बताया कि अस्पताल में हीमोग्लोबिन, मलेरिया, शुगर, एचआईवी और यूरिन सहित कई प्रकार की पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बावजूद उपलब्ध संसाधनों से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
मरीजों ने बताई परेशानी
इलाज कराने आए ओमप्रकाश, लाल बहादुर, दिलीप, राजेंद्र, शाहिद, गणेश, नरेश, पवन, प्रेम और कमलेश ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण उन्हें बार-बार जिला अस्पताल जाना पड़ता है। विशेष रूप से महिला, बच्चों और हड्डी रोगियों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने सीएचसी में सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों की शीघ्र तैनाती की मांग की।
अधिकारी बोले
विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। उपलब्ध संसाधनों के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बलरामपुर