बलरामपुर। जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती प्रसूता से पैसा न मिलने पर रेफर कर दिया गया। समय पर आपरेशन न होने से नवजात की मौत हो गई। जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस ने पैसे की मांग करने वाले सर्जन एवं सिस्टर इंचार्ज का वेतन रोक दिया है। आशा व संविदाकर्मी की सेवा समाप्ति के लिए पत्र लिखा गया है।
नगर क्षेत्र के मोहल्ला खलवा निवासी तुलसीराम ने बताया कि उनकी पत्नी नीलम को प्रसव के लिए बीते दिन जिला संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया था। प्रसव के लिए अस्पताल के सर्जन अरूण कुमार ने सात हजार रुपये की मांग की। पैसा देने की हामी भरने पर नीलम को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। बाद में लेवल रूम की सिस्टर इंचार्ज सावित्री जायसवाल, संविदाकर्मी नीलम व आशा ने तीन हजार रुपए की और मांग की। पैसे की मांग बढ़ने पर विरोध जताया तो डाक्टर व कर्मचारियों ने हालत गंभीर होने का बहाना बनाकर नीलम को बहराइच के लिए रेफर कर दिया।
बार-बार अनुरोध करने पर भी नीलम का न तो आपरेशन किया गया और न सामान्य प्रसव का प्रयास किया गया। रेफर करने एवं किसी भी तरह का ध्यान न देने पर नीलम को नगर स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां पर सामान्य प्रसव कराया गया लेकिन काफी समय बीत जाने के कारण बच्चे की मौत हो गई। तुलसी राम ने बताया कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में पैसे की मांग किए जाने और जबरन रेफर किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी एवं अस्पताल के सीएमएस से की गई है। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में शिकायत मिली है। मामला गंभीर है। सर्जन व सिस्टर इंचार्ज का वेतन रोक दिया गया है। इन लोगों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। तीन दिन में संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। संविदाकर्मी की सेवा समाप्ति के लिए सेवा प्रदाता कंपनी एवं आशा की सेवा समाप्ति के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा गया है।