उतरौला/तुलसीपुर। सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व शनिवार को जिले भर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। उतरौला व तुलसीपुर गुरुद्वारा में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर गुरु गोबिंद सिंह के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। गुरु की अरदास कर विश्व शांति एवं मानव कल्याण की कामना की गई।
उतरौला स्थित गुरुद्वारे में ज्ञानी सरदार बलवान सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरु साहिब का जन्म पटना साहिब में हुआ था। उनमें बचपन से ही अद्भुत साहस, आध्यात्मिक चेतना और नेतृत्व क्षमता परिपूर्ण थी। गुरु गोबिंद सिंह ने ही खालसा पंथ की स्थापना कर पंच प्यारे की परंपरा प्रारंभ की। प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा सिंह सभा में अखंड पाठ, शबद-कीर्तन का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व हमें सिखाता है कि अन्याय के सामने कभी न झुकें, सत्य और धर्म की रक्षा करें तथा समाज में समानता, साहस और सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ें। इसके बाद लंगर शुरू हुआ जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अनूप गुप्ता, रघुवीर सिंह, प्रीतपाल सिंह, गुरविंदर सिंह, सुरेंद्रपाल आहुजा, परमजीत सिंह, प्रताप सलूजा, भूपिंदर सिंह, हरचरन सिंह, त्रिलोचन सिंह, राजेश खुराना, संदीप खुराना, राकेश खुराना, महेंद्र प्रताप सिंह व मनोज कसेरा सहित तमाम लोगों ने लंगर प्रसाद ग्रहण किया।
इसी तरह तुलसीपुर गुरुद्वारा में शनिवार की सुबह सबद-कीर्तन व भजन का आयोजन किया गया। गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार गुरदीप सिंह व मंजीत सिंह मंगी ने गुरु गोविंद सिंह के आदर्शों पर प्रकाश डाला।
बलरामपुर में 29 को मनाया जाएगा प्रकाश पर्व
बलरामपुर गुरुद्वारे में गुर गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व 29 दिसंबर को मनाया जाएगा। गुरुद्वारा बलरामपुर के ज्ञानी रविंदर सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे में 21 से 27 दिसंबर तक गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह का शहीदी दिवस मनाया गया है। प्रतिदिन शाम को गुरुद्वारे में दीवान सजाकर गुरु के साहिबजादों की शहादत को याद किया गया। गुरु गोविंद सिंह के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में 27 दिसंबर को श्री गुरुग्रंथ साहिब का अखंड पाठ शुरू हुआ है। 29 दिसंबर को अखंड पाठ की समाप्ति के साथ गुरु गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व मनाया जाएगा।