गैसड़ी। नेपाल सीमा से सटे पचपेड़वा क्षेत्र के भाभर रेंज में तेंदुए के हमले में दो महिलाओं की मौत के बाद वन विभाग ने सतर्कता बढ़ाई है। पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी और अनहोनी को रोका जा सके। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने वन विभाग को एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घटनाओं की रिपोर्ट मांगी है।
वन विभाग ने घटनास्थल और आसपास के जंगल क्षेत्र में ड्रोन कैमरों के जरिये 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी है। इसके साथ ही तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चार हाई-रिजोल्यूशन ट्रैकिंग कैमरे लगाए गए हैं। कैमरों को ऐसे स्थानों पर लगाया गया है, जहां से तेंदुए के आने-जाने की संभावना सबसे अधिक है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष पिंजरे लगाए गए हैं। बिशुनपुर कोडर, बेइलिया, परसरामपुर गांव के साथ ही आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। वन विभाग की ट्रैपिंग टीम लगातार पदचिह्न, खून के निशान और अन्य संकेतों के आधार पर तेंदुए की लोकेशन ट्रेस कर रही है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ टीम को बुलाने की भी तैयारी है। घटनाओं के बाद वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम ने गश्त बढ़ा दी है। सुबह और शाम के समय विशेष पेट्रोलिंग की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्विक रिस्पॉन्स टीम) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
ग्रामीणों के लिए जारी की एडवाइजरी
वन क्षेत्र अधिकारी योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए सहयोग जरूरी है। इसके लिए गांव-गांव जाकर मुनादी और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल की ओर न जाए। सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतें। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बिना जरूरत बाहर न भेजें। जंगल से सटे रास्तों पर समूह में ही आवाजाही करें।
सीमा क्षेत्र में विशेष सतर्कता
दोनों देशों की सीमा से लगे गांवों में वन कर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि तेंदुए की सीमा पार आवाजाही पर भी नजर रखी जा सके।
दो महिलाओं की मौत से क्षेत्र में भय का माहौल है, लेकिन वन विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नियंत्रण रखा जा रहा है। जब तक तेंदुए को पकड़ा नहीं जाता, तब तक निगरानी, गश्त और सुरक्षा उपाय और तेज किए जाएंगे।