हरैया सतघरवा/बलरामपुर। सोहेलवा जंगल की वादियों से निकले धोबैनिया पहाड़ी नाले की तेज कटान ने हरैया सतघरवा ब्लॉक के गिरगिटही गांव को संकट में डाल दिया है। अब तक गांव की करीब 100 बीघे उपजाऊ जमीन नाले में समा चुकी है। कटान की रफ्तार को देखते हुए गांव के 65 घरों पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
गांव के निवासियों का कहना है कि अगर बरसात से पहले कटानरोधी कार्य नहीं शुरू हुआ, तो गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। धोबैनिया नाला अब गांव से महज 100 मीटर की दूरी पर पहुंच चुका है और हर रोज़ ज़मीन को निगलता जा रहा है। ग्रामवासी पुजारी प्रसाद गौतम ने बताया कि उनकी तीन बीघे, बहरइची प्रसाद की चार बीघे, बेचई की 10 बीघे, और स्वामी दयाल की तीन बीघे ज़मीन पहले ही नाले में समा चुकी है। ग्रामीणों गुरदास, भग्गन, बिहारी, और महबूब ने बताया कि नाले की कटान अब गांव की दहलीज़ पर है। यदि बरसात से पहले गांव व पहाड़ी नाले के बीच कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो कटान से गांव का अस्तित्व नाले की धारा में बह जाएगा। (संवाद)
प्रशासन से गुहार, परिणाम शून्य
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन नतीजा सिर्फ़ आश्वासन रहा। कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।
अब बजट की प्रतीक्षा
कटान से निपटने के लिए ग्रामीणों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर बाढ़ खंड को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है। जैसे ही शासन से बजट स्वीकृत होगा, कटानरोधी कार्य शुरू कराया जाएगा।
संजीव कुमार यादव, सदर एसडीएम