फोटो-14- नगर के सिविल लाइंस में गणेश प्रतिमा को अंतिम रूप देता कलाकार। संवाद
बलरामपुर। गणेश उत्सव को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक तैयारियां तेज हो गई हैं। पूजा पंडालों में विराजमान होने के लिए गणपति बप्पा की प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। मूर्तिकार प्रतिमाओं को आकर्षक रूप देने के साथ ही रंग-रोगन और सजावट का काम अंतिम चरण में पहुंचाने में जुटे हैं। गणेश प्रतिमाएं खरीदने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ भी मूर्तिकारों के पंडालों में पहुंचने लगी है।
14 सितंबर सोमवार से गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू होगा। गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाले दस दिवसीय उत्सव के दौरान पंडाल सजाकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। इस वर्ष भी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर पंडाल सजाने की तैयारियां चल रही हैं। श्रद्धालुओं के साथ मूर्तिकार भी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
नगर के सिविल लाइन, भगवतीगंज और गोंडा मार्ग पर मूर्तिकार गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। नगर के सिविल लाइन स्थित पंडाल में मूर्तिकार महादेव पाल ने बताया कि उनकी टीम ने जून से ही गणेश और मां दुर्गा की प्रतिमाएं बनाना शुरू कर दिया था। जुलाई और अगस्त में गणेश प्रतिमाओं की एडवांस बुकिंग भी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं की मांग के अनुसार विभिन्न डिजाइन की गणेश प्रतिमाएं तैयार की गई हैं।
मूर्ति खरीदने पहुंचे छितौनी गांव निवासी आनंद और मनोज ने बताया कि उन्होंने अगस्त में ही प्रतिमा की एडवांस बुकिंग करा दी थी। सोमवार को वे प्रतिमा लेने पहुंचे हैं। मूर्तिकार ने बताया कि गणेश प्रतिमाओं की कीमत उनके आकार के अनुसार निर्धारित की गई है। छोटी प्रतिमाएं 2500 से 3500 रुपये और बड़ी प्रतिमाएं सात हजार से 15 हजार रुपये तक में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश गणेश प्रतिमाओं की पहले से ही बुकिंग हो चुकी है। एक-दो दिन में सभी प्रतिमाएं पूजा पंडालों में विराजमान कर दी जाएंगी।
फोटो-14- नगर के सिविल लाइंस में गणेश प्रतिमा को अंतिम रूप देता कलाकार। संवाद