बलरामपुर। कोरोना महामारी के चलते यूपी बोर्ड परीक्षा के 29 हजार परीक्षार्थियों का रिजल्ट सरकार के फार्मूले पर तय किए जाएंगे। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को पास करने के लिए सरकार ने फार्मूले को हरी झंडी दे दी है।
हाईस्कूल में 50-50 और इंटरमीडिएट में 50-40-10 के फार्मूले से रिजल्ट तैयार किए जाएंगे। बोर्ड परीक्षा की मेरिट नहीं जारी की जाएगी। जो भी परीक्षार्थी एक या एक से अधिक विषयों में अंक सुधार के लिए परीक्षा देना चाहेंगे उन्हें आगामी बोर्ड परीक्षा में बिना शुल्क दिए मौका मिलेगा।
यूपी बोर्ड परीक्षा 2021 में जिले के हाईस्कूल में 17,134 और इंटरमीडिएट में 11,718 परीक्षार्थियों को कोरोना महामारी के दौर में सरकार के फार्मूले से पास होने का मौका मिलेगा। कोरोना महामारी के चलते हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड परीक्षा नहीं कराई जा सकी है।
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने के फार्मूले को सीएम योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दे दी है। सरकार के इस निर्णय का हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों ने सराहना की है। परीक्षार्थियों का कहना है कि कोरोना काल में परीक्षा न होने के चलते सरकार ने पास करने का जो फार्मूला तैयार किया है उससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा।
पास होने के बाद परीक्षार्थियों को अगली कक्षा में नाम लिखवाने का मौका मिलेगा। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे। डीआईओएस गोविंद राम ने बताया कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के सभी परीक्षार्थियों के परीक्षाओं के ब्यौरा माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
वेबसाइट पर कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा, कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा के आंतरिक मूल्यांकन, कक्षा 11 की वार्षिक व अर्द्धवार्षिक परीक्षा, कक्षा 12 की बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा और कक्षा 10 व 12 के प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक उपलब्ध हैं। कक्षा 10 व 12 के बोर्ड परीक्षा के अंक निर्धारण का फार्मूला भी वेबसाइट पर उपलब्ध है। जिले में हाईस्कूल के 17,134 और इंटरमीडिएट के 11,718 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे। जिले के संस्थागत परीक्षार्थियों का डाटा भी परिषद की वेबसाइट पर मौजूद है।