बलरामपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व गन्ना उद्योग एवं चीनी मिल मंत्री हनुमंत सिंह का सोमवार को लंबी बीमारी के बाद लखनऊ के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही जिले में शोक की लहर दौड़ गई। नगर स्थित उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का तांता लग गया। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह 10 बजे राप्ती नदी के सिसई घाट पर किया जाएगा।
वर्ष 1942 में बस्ती जनपद के मरवटिया गांव में जन्मे हनुमंत सिंह ने वर्ष 1965 में बलरामपुर में वकालत शुरू की। ईमानदारी, न्यायप्रियता और सामाजिक सरोकारों के कारण उन्होंने जिले के वरिष्ठ अधिवक्ताओं में अपनी अलग पहचान बनाई। जरूरतमंदों की सहायता और जनहित के कार्य उनके सार्वजनिक जीवन की प्रमुख विशेषता रहे।
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस ने बताया कि हनुमंत सिंह ने वर्ष 1985 में बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1989 और 1991 में वह बलरामपुर से विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद कल्याण सिंह सरकार में उन्हें गन्ना उद्योग एवं चीनी मिलें विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया। मंत्री रहते हुए उन्होंने गन्ना किसानों के हितों की रक्षा तथा चीनी उद्योग के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। वर्ष 2012 में उन्होंने अंतिम बार तुलसीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
उन्होंने सामाजिक मूल्यों और जनसेवा की प्रेरणा अपने पिता केसरी सिंह से प्राप्त की, जिन्होंने वर्ष 1952 में हिंदू महासभा के प्रत्याशी के रूप में बस्ती विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। परिवार में उनके पुत्र अखिलेश प्रताप सिंह, पुत्रियां मीता सिंह और गुड़िया सिंह हैं। उनके दो भाई विजय प्रताप सिंह और शिव प्रताप सिंह तथा चार बहनें हैं। छोटे भाई शिव प्रताप सिंह उनके साथ ही रहते थे।
पूर्व मंत्री के निधन पर जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, गैसड़ी विधायक राकेश यादव, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू, पूर्व विधायक मंगलदेव सिंह, पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवलाल सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके निधन को जनपद की राजनीति और सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
फोटो-34-बलरामपुर में पूर्व मंत्री को श्रद्धांजलि देते लोग ।-स्रोत : भाजपा