बलरामपुर। सादुल्लाहनगर थाने की जमीन को कब्जा करने के मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक व भू-माफिया आरिफ अनवर हाशमी के भाई मारूफ अनवर हाशमी को गिरफ्तार किया है। पूर्व विधायक ने मारूफ को ही थाना परिसर में मजार बनाकर मुतवल्ली बनाया था। आरोपी पूर्व विधायक अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने दबिश बढ़ाने के साथ ही कार्रवाई तेज कर दी है।
सादुल्लाह नगर थाने की जमीन में मजार बनाने का मामला उजागर होने के बाद स्थानीय लेखपाल ने सोमवार को पूर्व विधायक के साथ ही उनके भाई, परिजनों और समिति के सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था। अपर पुलिस अधीक्षक नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में थाने की भूमि पर कब्जा करके आम जनमानस में भय का माहौल बनाने का कार्य हुआ था। इस मामले से जुड़े सभी आरोपियों की तलाश पुलिस सरगर्मी से कर रही है।
बताया कि पुलिस ने पूर्व विधायक के भाई मारूफ अनवर हाशमी को गिरफ्तार कर उससे गहन पूछताछ की है। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले से जुड़े समिति के सदस्यों को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है। ताकि पूर्व विधायक सहित अन्य सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तत्काल हो सके।
इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सादुल्लाहनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक बृजानन्द सिंह के साथ उपनिरीक्षक कमलेश कुमार यादव, पुलिस कर्मी कैलाश यादव, अंगद यादव, शैलेश यादव, पवन मौर्या, वाज्या लक्ष्मी, अंजली देवी की टीम को लगाया गया है। पुलिस टीम ने पूर्व विधायक से जुड़े संभावित ठिकानों पर दबिश दी है। पुलिस प्रशासन ने पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी को पहले ही भू- माफिया घोषित कर रखा है।
थाना सादुल्लानगर परिसर के गाटा संख्या 696 रकबा 2.16 एकड़ जमीन थाने के नाम दर्ज है। इसमें से 18 डिसमिल जमीन दिनांक 27 जून 2013 को मुत्तवलवी मजार शरीफ बाबा शहीदे मिल्लत अब्दुल कुद्दूस शाह रहमतुल्ला अलैह के नाम गलत तरीके से राजस्व अभिलेखो में दर्ज कराई गई थी। उसी समय थाने को अलग शिफ्ट कराकर बाकी जमीन भी हड़पने की तैयार थी। इसकी भनक लगने पर तातकालिक प्रभारी निरीक्षक परवेज अहमद ने एसडीएम उतरौला के यहां 29 अगस्त 2013 को एक वाद दायर किया था। इस पर एसडीएम ने खतौनी से नाम निरस्त करने का आदेश भी दिया था।