फोटो-22-बलरामपुर के सीमावर्ती गांव में ग्रामीणों को जागरूक करते कर्मी ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। गर्मी के मौसम में जंगली जानवर आबादी की तरफ आने लगते हैं। ऐसे में सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग में मानव-वन्य जीव संघर्ष की आशंका को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। भांभर रेंज सहित संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त, ट्रैकिंग और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को वन कर्मियों की दो टीमों ने सुबह और शाम मिलाकर करीब 9 किलोमीटर तक पैदल गश्त कर तेंदुए के पगमार्क तलाशे, हालांकि किसी भी स्थान पर तेंदुए की पुष्टि नहीं हो सकी।
प्रभागीय वनाधिकारी गौरव गर्ग ने बताया कि टीम आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। ग्राम मजगवां में ड्रोन उड़ाकर निगरानी की गई, वहीं कई स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, ताकि वन्य जीवों की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा सके। वन क्षेत्र से सटे 37 गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। लाल झंडे और बैरिकेडिंग के माध्यम से खतरे वाले स्थानों को चिह्नित किया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने संबंधित ब्लॉकों के ग्राम प्रधानों और सचिवों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। भांभर, बनकटवा और बरहवा रेंज में वन अधिकारियों ने चौपाल और गोष्ठियों के जरिए ग्रामीणों को ‘क्या करें, क्या न करें’ की जानकारी दी। लोगों को सुबह-शाम अकेले खेत, नदी-नालों के पास न जाने, पशुओं को किनारे न चराने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी भी गांव में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है।