फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विदेशी मेहमानों के कलरव से गूंजे तराई के जलाशय

विज्ञापन
बलरामपुर के सोहेलवा सेंक्चुरी क्षेत्र में स्थित जलाशयों में कलरव करते विदेशी परिंदे। - फोटो : BALRAMPUR
विज्ञापन
बलरामपुर। तराई क्षेत्र के जलाशय सर्दियों में विदेशी परिंदों के कलरव से गुंजायमान हो गए हैं। रूस, साइबेरिया, चीन तथा श्रीलंका आदि देशों से मेहमान परिंदों का आगमन भोजन व पानी से समृद्ध जलाशयों में शुरू हो गया है। करीब चार महीने प्रवास के बाद यह परिंदे स्वदेश वापसी करेंगे।
विज्ञापन

सुबह तथा शाम के समय जलाशयों में इन पक्षियों का कलरव काफी मनोहारी लगता है। वन विभाग इन परिंदों की मेहमान नवाजी के लिए जलाशयों का सुंदरीकरण कर रहा है। इन परिंदों की निगरानी वाच टावर तथा वन कर्मियों की पेट्रोलिंग टीम करेगी।
इन जलाशयों में होता है आगमन
सर्दियों के मौसम में तराई क्षेत्र के सोहेलवा सेंक्चुरी स्थित भगवानपुर जलाशय, चित्तौड़गढ़, करहिया, रजिया ताल, चांदे ताल सहित कई ग्रामीण तालाबों में भी देशी तथा विदेशी परिंदों का सर्दियों में हर साल आगमन होता है।
विज्ञापन

परिंदों के लिए पर्याप्त है भोजन व पानी
देशी तथा विदेशी परिंदों के लिए तराई क्षेत्र के जलाशयों में सर्दियों के मौसम में भोजन व पानी की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता रहती है। सोलेहवा सेंक्चुरी जैव विविधताओं के साथ-साथ वन्य जीवों व परिंदों की सैकड़ों प्रजातियों के लिए मशहूर है।
इन प्रजाति के पक्षियों का होता है आगमन
सोहेलवा सेंक्चुरी के जलाशयों में किंगफिशर, रोजी, वुडसैंड पाइपर, साइबेरियन क्रेन, ब्लैक विंग स्टिल्ट, कामनटील, स्पाटेड रेड शैक, लांग बिल्ड पिपिट, लालसर, शीकपर, कईमा, करछा व रेडहेड सहित तमाम प्रजाति के पक्षियों का आगमन होता है। प्रवास पर आने वाले पक्षी यहां सर्दियों में भोजन पानी लेकर स्वस्थ होते हैं और वतन वापसी के समय रास्ते में प्रजनन करते हैं। प्रवासी पक्षियों का सफर कई महीनों का होता है।
56 लाख से हो रहा सुंदरीकरण
चित्तौड़गढ़ तथा भगवानपुर जलाशय को 56 लाख रुपये से सुंदर बनाया जा रहा है। 35 लाख रुपये से चित्तौड़गढ़ तथा 21 लाख रुपये की लागत से भगवानपुर जलाशय का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। वन विभाग का मानना है कि इन जलाशयों के संवरने से यहां विदेशी परिंदें न केवल आकर्षित होंगे बल्कि इनके प्रजनन व संवर्धन की भी संभावना बढ़ेगी। विभाग ने खैरमान जलाशय तथा रजिया ताल की भी सफाई कराई है। इनके किनारे परिंदों के प्रजनन स्थल भी बनाए जा रहे हैं।
वॉच टावर व पेट्रोलिंग से होगी सुरक्षा
विदेशी मेहमान परिंदों को शिकारी कोई नुकसान न पहुंचा सके इसके लिए इनकी सुरक्षा की निगरानी वॉच टावर व पेट्रोलिंग टीम करेगी। डीएफओ रजनीकांत मित्तल ने बताया कि इन कार्यों के लिए वन कर्मियों को तैनात किया गया है।
इको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
खैरमान तथा रजिया ताल को विदेशी मेहमान परिंदों के लिए संरक्षित किया जाएगा। करीब 194 हेक्टेअर में विदेशी परिंदों के लिए सभी तरह की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस कार्य से विदेशी परिंदों को देखने के लिए पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा। ईको टूरिज्म डेवलपमेंट का विस्तृत प्लान मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को भेजा गया है।
विज्ञापन

- रजनीकांत मित्तल, डीएफओ बलरामपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें