बलरामपुर। आसमान में गुरुवार को भी धुंध छाई रही। दिन भर लोग सूरज निकलने का इंतजार करते रहे लेकिन धूप नहीं निकली। कड़ाके की ठंड से परेशान लोगों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थलों और चौराहों पर अलाव के इंतजाम करने की मांग की है। सरकार की ओर पर्याप्त इंतजाम न होने से ठंड के मौसम में गरीबों की परेशानी बढ़ गई है।
कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ने से गरीबों और बेसहारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाहर से आने वाले गरीब मुसाफिरों को रात काटने के लिए भटकना पड़ रहा है। रैन बसेरों की हालत बदतर होने से खुले आसमान के नीचे रात काटने को मुसाफिरों की मजबूरी बन गई है। लोगों ने शासन-प्रशासन से गरीबों व बेसहारों को गरम कपड़े मुहैया कराने चारों नगर निकायों के चौराहों व सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने और रैन बसेरों में सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कराने की मांग की है।
बता दें कि दूसरे दिन गुरुवार को भी मौसम में कोई सुधार नहीं दिखा। कड़ाके की ठंड का प्रकोप दूसरे दिन भी जारी रहा। सुबह देर तक आसमान में धुंध छाई रही। दोपहर में थोड़ी देर के लिए सूर्य के दर्शन तो हुए लेकिन कुछ देर बाद ही सूरज फिर धुंध में छिप गया। ऐसे में गरीबों, बेसहारों और मुसाफिरों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। रात के समय बाहर से पहुंचने वाले गरीब मुसाफिरों को ठहरने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
प्रशासन की तरफ से रैन बसेरों का इंतजाम चाक-चौबंद किये जाने का दावा किया जा रहा है जबकि हकीकत कुछ और ही है। नगर निकायों के सार्वजनिक स्थलों व चौराहों पर अलाव के इंतजाम तक नहीं किए गए हैं।
तीनों तहसीलों को जिला प्रशासन की तरफ से नगर निकायों में अलाव जलवाने के लिए पहले ही 50-50 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। जिला प्रशासन ने तीनों तहसीलों के एसडीएम को पांच-पांच लाख रुपये गरीबों व बेसहारों को कंबल देने लिए पहले की धनराशि भेज दिया है लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि अभी तक कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है।
तीनों तहसीलों के एसडीएम को दिया गया निर्देश
तीनों तहसीलों के एसडीएम को सार्वजनिक स्थलों व चौराहों पर गरीबों व बेसहारों के लिए अलाव जलवाने और कंबल आदि का वितरण कराने के लिए सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। निर्देश के अनुपालन में हीलाहवाली बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- अरुण कुमार शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व