बलरामपुर में घने कोहरे के बीच स्कूल जाते बच्चे ।-संवाद
बलरामपुर। सुबह-शाम कोहरा और दिनभर चली बर्फीली हवा ने सोमवार को भी लोगों को ठंड से बेहाल कर दिया। हालांकि चार दिन बाद धूप निकली, लेकिन सर्द हवाओं के आगे बेअसर रही। शाम चार बजे के बाद फिर धुंध छा गई। कड़ाके की ठंड के लोग बीमार पड़ रहे हैं।अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
सर्दी बढ़ने के साथ बुजुर्गों में सांस लेने में परेशानी और अस्थमा की शिकायतें आ रही हैं। बच्चों में सूखी खांसी और छाती जाम होने जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं। इसके अलावा बीपी, शुगर, बदन दर्द, जोड़ों के दर्द, पुरानी चोट का दर्द और हृदय संबंधी मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। सोमवार को करीब 450 मरीज जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे।
जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 21 डिग्री व न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कनौजिया ने किसानों को सलाह दी कि गेंहू की बिजाई के बाद जहां सिंचाई आवश्यक है वहां, हल्की सिंचाई करें।
सुबह-शाम अधिक, ठंड में सैर पर जाने से बचें
जिला संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. प्रभात त्रिपाठी ने मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कहा कि खांसी, जुकाम, सांस और अस्थमा के मरीज सुबह-शाम ठंड में बाहर न जाएं। बीपी और शुगर के मरीज नियमित जांच करें। ठंडी हवा की सीधे चपेट में आने से बचें। शरीर को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष श्योराण ने कहा कि बुजुर्गों को ठंड से बचाव करना चाहिए। बदन दर्द और जोड़ों के दर्द बढ़ सकते हैं। ठंडी हवा और ठंडी खाद्य सामग्री से परहेज करें। दिन में धूप निकलने पर हल्का व्यायाम करें और धूप में बैठकर शरीर की सिकाई करें।