बलरामपुर। बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य जनकनंदनी ने संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो भारी अनियमितता मिली। अस्पताल में गर्भवती से ऑपरेशन के लिए पांच हजार रुपये वसूले जाने का मामला सामने आया। एक मरीज से दवा बाहर से मंगाने की शिकायत मिली। दवा वितरण कक्ष में एक्सपायर आई ड्राॅप मिली, जिसका वितरण किया रहा था। यह खुलासा बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य जनकनंदनी के निरीक्षण में हुआ। आयोग की सदस्य ने कहा कि वह शासन को रिपोर्ट भेजेंगी।
महिला आयोग की सदस्य ने सबसे पहले अस्पताल परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर में किशोरियों के रहने-खाने के बारे में जायजा लिया। इसके बाद अस्पताल की ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, भर्ती वार्ड, भोजनालय व डायलिसिस वार्ड में संसाधनों के बारे में जानकारी ली। गर्भवती वार्ड में मौजूद राजकुमार वर्मा ने बताया कि उनकी बेटी शिवानी वर्मा का 30 सितंबर को ऑपरेशन हुआ था। स्त्री रोग विशेषज्ञ ने ऑपरेशन के लिए पांच हजार रुपये जमा कराए थे। टांका काटने के पैसे न देने पर लौटा दिया गया। मझौवा गांव की गर्भवती शाजिया ने बताया कि एक इंजेक्शन बाहर से मंगाया गया है।
इसके बाद आयोग की सदस्य ने दवा वितरण कक्ष में मरीजों से बातचीत की। यहां पर सिप्रो सहित कई अन्य आई ड्राॅप एक्सपायर मिले। इन दवाओं का वितरण भी हो रहा था। अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजकुमार वर्मा मौजूद नहीं मिले। प्रभारी सीएमएस डॉ. अरविंद यादव भी कोर्ट केस के चलते अस्पताल में नहीं आए। अधिकारियों के न मिलने पर सदस्य ने कड़ी नाराजगी जताई। अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की बात कही है।
पहले भी उजागर हो चुका है मामला
अस्पताल में एक महीने पहले भी गंभीर हालत में पहुंची गर्भवती का ऑपरेशन करने से मना करने का आरोप लग चुका है। गर्भवती के परिजन रात नौ बजे के करीब अस्पताल में प्रसव कराने पहुंचे थे, चिकित्सक ने संसाधनों की कमी बताते हुए ऑपरेशन करने से मना कर दिया गया था। बाद में गर्भवती ने एक प्राइवेट अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
पोषण पंचायत में महिलाओं को किया जागरूक
उतरौला। मिशन शक्ति अभियान के तहत बुधवार को ब्लॉक सभागार उतरौला में पोषण पंचायत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य जनक नंदिनी रहीं। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी इंद्रावती, बाल विकास विभाग की अधिकारी, पर्यवेक्षिकाएं और बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं। महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि पोषण ही स्वस्थ समाज की नींव है। माताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका कुपोषण मिटाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं से बच्चों के खान-पान, स्वच्छता और टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने की अपील की। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कर्मियों को सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने महिलाओं की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश भी दिए।