बलरामपुर। एससीएसटी उत्पीड़न के पांच दोषियों को तीन-तीन वर्ष के कैद की सजा सुनाई गई है। विशेष सत्र न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट सुमित कुमार प्रेमी ने 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। मुकदमे में करीब 12 वर्ष बाद फैसला आया है।
थाना तुलसीपुर के बेकारु ने दो नवंबर 2013 को मुकदमा लिखाया था। आरोप लगाया था कि ग्राम लक्ष्मीनगर निवासी परमेश्वर यादव, झीनकान, काजू, धनीराम और अलखी यादव ने जाति सूचक गालियां दीं और मारापीटा। पुलिस ने मुकदमा लिखकर जांच के बाद पांचों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय पर विशेष लोक अभियोजक एससीएसटी एक्ट विजय आर्या और रणधीर सिंह ने सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने पांचों अभियुक्तों को एससीएसटी उत्पीड़न और मारपीट का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।