बलरामपुर के बार संघ भवन में जला अभिलेख ।-संवाद
बलरामपुर। मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट संघ भवन में रविवार देर रात आग लग गई। आग से राहत कोष में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर राख हो गए। कलेक्ट्रेट बार पूर्व अध्यक्ष अश्वनी त्रिवेदी सुबह करीब 9 बजे संघ भवन पहुंचे तो जले कागजों की राख, जली हुई मेज, काली दीवारें और धुआं देखकर वह दंग रह गए। अधिवक्ताओं ने इसे सुनियोजित वारदात बताते हुए तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जिला बार संघ अध्यक्ष अजय बहादुर सिंह ने बताया कि बैनामा प्रपत्र, वसीयतनामा, बेलबांड, वकालतनामा सहित अन्य अभिलेखों की बिक्री और आय का पूरा हिसाब-किताब राहत कोष कार्यालय में रखा था। आग से यह महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जलकर राख हो गए। अधिवक्ताओं ने प्राथमिक जांच के आधार पर आशंका जताई है कि यह आग महज दुर्घटना नहीं, बल्कि राहत कोष की आय से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को मिटाने की सुनियोजित कोशिश है।
जिला बार संघ अध्यक्ष व कलेक्ट्रेट बार महामंत्री कमलेश्वर सिंह ने घटना को गंभीर बताते हुए कोतवाली देहात में अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है। उपनिरीक्षक अमित कुमार चौहान ने रिपोर्ट तैयार की है।
चौकीदार की चुप्पी संदिग्ध
दफ्तर में तैनात कर्मियों और चौकीदार से अधिवक्ताओं ने कड़ाई से पूछताछ की, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया। इससे अधिवक्ताओं को संदेह है कि घटना में अंदरूनी मिलीभगत भी हो सकती है। कार्यालय में एक महिला कर्मी और दो अधिवक्ताओं की तैनाती है, जो प्रतिदिन यह कार्य संभालते हैं। आग लगने से कई उपकरण भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से राहत कोष कार्यालय की सुरक्षा को मजबूत करने, रात में सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी सुनिश्चित करने तथा सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त कराने की मांग की है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती, तो इस तरह की घटना संभव ही नहीं थी।