बलरामपुर। पोषाहार व ड्राई राशन वितरण की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने कई स्तर पर तैयारियां की हैं। नोडल अधिकारी बनाकर जांच कराने के साथ वितरण करते हुए कार्यकर्ता को जियो टैग के माध्यम से फोटो वाट्सएस ग्रुप में भेजने की व्यवस्था की गई है। इसके बाद भी अगर वितरण में अनियमितता मिलती है तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
बीते माह केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह की अध्यक्षता में दिशा की बैठक हुई थी। इसमें बाल विकास परियोजनाओं में पोषाहार व ड्राई राशन की आपूर्ति एवं वितरण लाभार्थियों को सही ढंग से न होने का मामला आया था। इस पर सुधार के निर्देश मिले थे। डीएम पवन अग्रवाल ने पोषाहार वितरण को लेकर कई स्तर पर प्रबंध किए हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा को अनुपालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
पोषाहार वितरण को लेकर की गई यह व्यवस्था
सभी सीडीपीओ पोषाहार व ड्राई राशन वितरण से एक दिन पहले जानकारी सार्वजनिक करेंगे ताकि वास्तविक लाभार्थी पोषाहार के लाभ से वंचित न हो। सीडीपीओ पोषाहार वितरण का रोस्टर तीन दिन पहले बीडीओ के साथ साझा करेंगे। बीडीओ इस रोस्टर को एडीओ व ग्राम सचिव के माध्यम से लोगों में प्रचारित करेंगे। पोषाहार व ड्राई राशन वितरण के लिए एक तिथि तय की जाएगी। राशन प्राप्ति के तीन दिन के अंदर स्वयं सहायता समूह के राशन उठवाने, नैफेड की आपूर्ति की दशा की जानकारी लेकर सीडीपीओ कार्रवाई करेंगे। बीडीओ पोषाहार वितरण की जांच के लिए नोडल अधिकारी नामित करेंगे। साथ ही स्वयं भी जायजा लेकर जांच रिपोर्ट जिले स्तर पर भेजेंगे। प्रत्येक पोषाहार व ड्राई राशन वितरण दिवस पर लाभार्थियों को पोषाहार देते समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फोटो जियो टैग के साथ एक अलग ग्रुप बनाकर उसपर भेजेंगी।