फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: आंगनबाड़ी चयन में भ्रष्टाचार... की गई 1.40 लाख की उगाही, दो बाबू और बिचौलिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Fri, 30 Jan 2026 08:31 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर

सार

यूपी के बलरामपुर में तुलसीपुर सीडीपीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। मामले में दो लिपिकों के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई है। साथ ही बिचौलिया समेत तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
बलरामपुर के तुलसीपुर स्थिति सीडीपीओ कार्यालय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बलरामपुर में तुलसीपुर के ग्राम लालबोझी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया-2025 के दौरान चयन के नाम पर अवैध धन वसूली की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति के लिए रूबी सिंह से सीडीपीओ कार्यालय के दो लिपिकों ने एक बिचौलिये के जरिये 1.40 लाख रुपये रिश्वत ली। शिकायत पर जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने जांच कराई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। डीपीओ इफ्तखार अहमद ने परियोजना के दाे बाबुओं और बिचौलिये के खिलाफ नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।

विज्ञापन


आंगनबाड़ी चयन में धन उगाही की शिकायत रूबी सिंह के पति महेंद्र प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी से की थी। डीएम ने पांच सदस्यीय जांच समिति में जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, सीडीपीओ हरैया सतघरवा तथा सीडीपीओ बलरामपुर देहात को शामिल किया गया।

डीपीओ ने बताया कि जांच समिति की जांच में यह तथ्य सामने आया कि परियोजना कार्यालय तुलसीपुर में तैनात परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद एवं जिले में तैनात तत्कालीन आंगनबाड़ी नियुक्ति पटल के बाबू रामसूचित वर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शिकायतकर्ता से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन के लिए एक लाख चालीस हजार रुपये की धनराशि ली।
विज्ञापन


जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस पूरे प्रकरण में बिचौलिया मुन्नालाल जायसवाल निवासी जयनगरा के जरिये रिश्वत ली गई है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले में डीपीओ की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी दोनों बाबू और बिचौलिये की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।
 

Trending Videos

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन में आय प्रमाणपत्र की होगी जांच

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन की जांच समिति ने अन्य कार्रवाई भी शुरू की है। जांच में कहा गया है कि चयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रूबी सिंह के आय प्रमाणपत्र की तहसील स्तर से पुनः जांच कराई जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चयन प्रक्रिया नियमों एवं पात्रता मानकों के अनुरूप हुई है या नहीं। 

जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। तुलसीपुर के एसडीएम से आय प्रमाणपत्र की जांच कराई जा रही है। बताया जा रहा है कि आय प्रमाणपत्र की शिकायत चयन के समय हुई थी, जिसके बाद ही रिश्वतखोरी की बात चर्चा में आई थी।
विज्ञापन

आरोपी बाबुओं के निलंबन की निदेशालय को संस्तुति

डीपीओ ने बताया कि एफआईआर के साथ ही मामले में आरोपी बाबुओं के निलंबन की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। आरोपी परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद व पटल बाबू रामसूचित वर्मा के विरुद्ध निलंबन की संस्तुति बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय को की गई है। निदेशालय से बाबुओं का निलंबन होना है। इसके साथ ही विभाग में पूर्व में हुई चयन प्रक्रिया के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई

जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन प्रक्रिया में रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई की गई है। भ्रष्टाचार के मामलों की आम लोग सीधे शिकायत करें। मामले में जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें