फोटो-21-बलरामपुर में खाद की दुकान का निरीक्षण करते जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार।-स्रोत
बलरामपुर। किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने और उर्वरक वितरण में अनियमितता करने वाले एक खाद विक्रेता के खिलाफ कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। संयुक्त जांच टीम ने जुआथान स्थित उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच में अधिक कीमत वसूली, जबरन जिंक सल्फेट बेचने और स्टॉक में भारी गड़बड़ी मिलने पर एक विक्रेता का उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया गया। वहीं दूसरे विक्रेता को अभिलेखों में अनियमितता मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार और वरिष्ठ प्राविधिक सहायक राकेश चंद्र पांडेय की संयुक्त टीम ने सबसे पहले जुआथान स्थित जायसवाल ट्रेडर्स का निरीक्षण किया। दुकान पर मौजूद किसानों ने बताया कि उनसे यूरिया की प्रति बोरी 400 से 450 रुपये तक वसूले जा रहे थे, जबकि इसकी निर्धारित कीमत 266.50 रुपये है। किसानों ने यह भी शिकायत की कि यूरिया के साथ उन्हें जबरन जिंक सल्फेट खरीदने के लिए दबाव बनाया जाता था।
निरीक्षण के दौरान पीओएस मशीन के रिकॉर्ड के अनुसार दुकान पर 237 बोरी यूरिया उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन मौके पर केवल 147 बोरी मिली। इस तरह 90 बोरी यूरिया का स्टॉक कम पाया गया। स्टॉक पंजिका में भी अनियमितताएं मिलीं। पूछताछ में विक्रेता ने पीओएस मशीन खराब होने के कारण बिना ऑनलाइन प्रविष्टि के खाद वितरण की बात स्वीकार की, जबकि नियमों के अनुसार पीओएस मशीन में बिक्री दर्ज किए बिना उर्वरक वितरण प्रतिबंधित है। इन अनियमितताओं के आधार पर दुकान का लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया गया।
संयुक्त टीम ने जुआथान के दूसरे उर्वरक विक्रेता रवींद्र कुमार की दुकान का भी निरीक्षण किया। यहां रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित नहीं मिले। हालांकि पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक सही पाया गया, लेकिन स्टॉक एवं वितरण पंजिका अधूरी मिलने पर विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।