बलरामपुर। धान में काला नमक और कनकजीर जैसे ब्रांड की खेती से जिले ने अपना अलग स्थान बना रखा है। उसी तर्ज पर अब तराई जिले के आकांक्षी ब्लॉक श्रीदत्तगंज के किसान सरसों के उन्नतशील बीज का उत्पादन करेंगे। धान से सुगंधित चावल उत्पादन के साथ ही शुद्ध सरसों के तेल से प्रदेश की रसोई की महक दूना करने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए किसानों को बीज के साथ ही बेहतर उत्पादन के लिए तकनीक की जानकारी दी जाएगी।
एक ब्लॉक एक फसल योजना में ब्लॉक का चयन करके किसानों की आय बढ़ाने का खाका तैयार किया गया है। सरसों का उत्पादन बढ़ाने से लेकर बाजार तक मुहैया कराने की व्यवस्था कृषि विभाग करेगा। बनी रणनीति में कृषि विभाग के साथ ही कृषि विपणन और विदेश व्यापार विभाग को भी शामिल किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस साल पूरे जिले में 24 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल बोआई की गई है। एक हेक्टेयर में करीब 20 क्विंटल तक सरसों का उत्पादन होता है। माना जा रहा है कि सरसों के तेल की मांग नियमित है और इससे किसानों को अच्छी आय हो सकती है। इसलिए किसानों को प्रेरित कर सरसों की खेती शुरू कराई जानी है। एक ब्लॉक को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
श्रीदत्तगंज ब्लॉक में किसानों को सरसों की फसल तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें बेहतर बीज, कृषि यंत्र, खाद व अन्य जरूरी संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। उत्पादन के बाद बाजार भी किसानों को मिलेगा। ब्लॉक से लेकर जिला स्तर के अधिकारी सरसों की फसल को लेकर इन ब्लॉकों पर नजर रखेंगे।
पीसी विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी