बलरामपुर। नकदी गन्ने की फसल बेंचने के लिए किसानों को पर्ची ही नहीं मिल पा रही है। किसानों का आरोप है कि सरकार उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है। किसानों ने शासन प्रशासन के जिम्मेदार लोगों से गन्ना बेचने के लिए आवश्यक आपूर्ति पर्ची दिलाने की मांग की है।
विदित हो कि जिले में किसानों की मुख्य नकदी फसल गन्ना है। किसानों को गन्ना स्थानीय तीन चीनी मिलों के अलावा गोंडा जिले की मनकापुर चीनी मिल में बेंचा जता है। गन्ना बेंचने के लिए गन्ना समितियां रकबे का सट्टा व सर्वे कर आपूर्ति पर्ची कैलेंडर के हिसाब से जारी करती है। दो सालों से सरकार ने आपूर्ति पर्ची का जिम्मा निजी संस्थाओं को दे दिया है।
किसानों को अगेती, सामान्य प्रजाति व अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की बिक्री के लिए पर्ची जारी की जाती है। आपूर्ति पर्ची का आलम यह है कि किसानों का गन्ना पर्ची के अभाव में खेतों में खड़ा है। अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करने के लिए किसान गन्ना नहीं बेंच पा रहे हैं। यही नहीं पर्ची उपलब्ध कराने का झांसा देने वाले दलाल भी सक्रिय हो गए हैं। यह लोग पर्ची दिलाने के नाम पर किसानों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। किसान मेहताब खां, कृष्ण गोपाल सिंह, राम प्रताप शुक्ल, शिव कुमार व इलियास आदि ने बताया कि गन्ना न बिकने से बच्चों के स्कूल की फीस व शादी विवाह के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। इन लोगों ने शासन प्रशासन के जिम्मेदार लोगों से गन्ना आपूर्ति पर्ची दिलाने की मांग की है।
सर्वे व सट्टे के आधार पर किसानों को आपूर्ति पर्ची जारी की जा रही है। सभी किसानों का गन्ना खरीदा जाएगा। किसान कार्यालय दिवस में आकर अपनी समस्या बताएं तथा जरूरत के हिसाब से आपूर्ति पर्ची के लिए नया बांड भरें।- आरएस कुशवाहा, जिला गन्ना अधिकारी