बलरामपुर। जिले के पांचों ब्लॉकों में 20 क्लस्टर बनाकर 776 किसानों को प्राकृतिक खेती में निपुण बनाया जाएगा। किसानों को जैविक खाद, हरित खाद का प्रयोग, बेसन व गुड़ से बीजामृत बनाने आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके लिए केंद्रीय बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पहल की गई है।
जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही काम किया जा रहा है। पांच ब्लॉकों के किसानों को प्राकृतिक खेती कराने के लिए चिन्हित किया गया है। बिना रासायनिक दवाओं के होने वाली प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ ही गांवों में प्रमाणीकरण व ब्रांडिंग के चलन पर जोर दिया गया है। प्राकृतिक खेती का गांवों में क्रियान्वयन के लिए 10 हजार आवश्यकता आधारित बायो इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। किसानों को प्राकृतिक खेती का तौर-तरीका बताने के लिए एक मार्क एग्रो जेनेटिक कंपनी का चयन भी किया गया है। उपनिदेशक कृषि नरेंद्र कुमार ने बताया कि बलरामपुर, हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी व पचपेड़वा ब्लॉक में क्लस्टर वार प्राकृतिक खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।