ललिया/महराजगंज तराई (बलरामपुर)। राप्ती नदी खतरे के निशान से 2.15 मीटर और चेतावनी बिंदु से 1.15 मीटर नीचे बह रही है। सिसई घाट पर राप्ती नदी का चेतावनी बिंदु 103.620 मीटर व खतरे का निशान 104.620 मीटर है। सोमवार शाम चार बजे राप्ती नदी का जलस्तर 102.470 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। नदी का जलस्तर घटने के बाद कटान तेज हो गया है। तीनों तहसीलों में राप्ती नदी में 18 से अधिक गांवों के पास कटान हो रहा है। प्रभावित गांवाें के किसानों ने शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
सदर तहसील के गंगाबक्श भागड़, साहिबनगर, मानकोट टेंगनहिया, लालपुर फगुइया, कल्यानुपर, जबदहा, किठूरा व बेला आदि गांवों में राप्ती नदी कटान कर रही है। ग्राम जबदहा में करिया, घुरहू व पदुमनाथ के खेत राप्ती नदी में कट चुके हैं। टेंगनहिया गांव में राप्ती नदी ने आजम, सलमान, मुनव्वर, मोबीन व राज मोहम्मद के खेतों में लगी गन्ने और धान व मक्के की फसल कटान की भेंट चढ़ रही है। बेला व किठूरा गांव में नाजिम खान का तीन बीघा, नानबाबू का 13 बीघा, बेकारू का तीन बीघा, कौवा बेला के ननके का तीन बीघा, कल्लू का पांच बीघा व श्यामू पासवान का छह बीघा खेत राप्ती नदी में कट चुका है।
प्रधान प्रतिनिधि उमेश यादव ने बताया कि इस वर्ष अब तक किठूरा, बेला व कौवा में 33 बीघे जमीन राप्ती नदी काट चुकी है। लोगों का आरोप है कि शासन-प्रशासन में सुनवाई न होने से कटान में फसल बर्बाद होने का मुआवजा नहीं मिल रहा है। यदि किसानों को खरीफ की उपज न मिली तो भुखमरी का संकट झेलना पड़ेगा। कल्यानपुर, लालपुर फगुइया व गोंसाईपुरवा के पास राप्ती नदी कटान कर रही है।
यहं गांव सबसे ज्यादा प्रभावित
किसानों ने बताया कि उतरौला व तुलसीपुर तहसील के कई गांवों में खेतों में लगी खरीफ की फसलों के साथ गन्ना भी राप्ती नदी काट रही है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। तुलसीपुर तहसील के ग्राम महरी, मलदा, मिश्रौलिया व साखीरेत और उतरौला तहसील के चिचुड़ी सहंगिया, बारम, नंदौरी, मस्जिदिया, मलमलिया, परसौना, महुआधनी, मटियरिया कर्मा, बायभीट, मझारी बाछिल, मनियरिया, कपौवा, टेढ़वा तप्पाबांक, शेरपुर व अल्ली बुजुर्ग में बाढ़ घटने से राप्ती में कटान तेज हो गया है, जिससे किसानों की फसलें तबाह हो रही हैं।
रखी जा रही नजर
कटान पर नजर रखी जा रही है। कटान से होने वाले नुकसान का आकलन करने के लिए लेखपालों को निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों की मदद की जाएगी।
-प्रदीप कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व