बलरामपुर। रक्षाबंधन पर तीन दिनों के लिए सरकार ने महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा दी थी। इस दौरान जिले की 41 हजार 175 बहनों ने 74 रोडवेज बसों में मुफ्त सफर कर अपने भाइयों को राखी बांधी। इसपर बलरामपुर डिपो ने 52 लाख 20 हजार 645 रुपये खर्च किए हैं।
बलरामपुर डिपो में 104 रोडवेज बसों का बेड़ा है। इसमें परिवहन निगम की 93 व 11 अनुबंधित बसें शामिल हैं। रक्षाबंधन पर बलरामपुर डिपो की 74 रोडवेज बसों को संचालन के लिए आरक्षित किया गया था। दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, सिद्धार्थनगर, जौनुपर, बस्ती, डुमरियागंज, अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, सीतापुर, लखीमपुर व बढ़नी जैसे लंबे रूटों पर रोडवेज बसों से बहनों को भेजा गया। गोंडा, बहराइच, मनकापुर, सिरसिया, इटवा, तुलसीपुर व भिनगा जैसे आसपास रूटों पर भी बसों का संचालन किया गया।
आठ की सुबह छह बजे से 10 की रात 12 बजे तक रही छूट
रोडवेज बसों में आठ अगस्त को सुबह छह बजे से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक बहनों को मुफ्त में यात्रा करने की छूट रही। आठ अगस्त को चार हजार 965 बहनों ने रोडवेज बसों में मुफ्त में यात्रा की। पहले दिन बलरामपुर डिपो ने बहनों की यात्रा पर तीन लाख 52 हजार 355 रुपये खर्च किए। वहीं नौ अगस्त को 16 हजार 335 बहनों की मुफ्त यात्रा पर बलरामपुर डिपो ने 18 लाख 65 हजार 434 रुपये और 10 अगस्त को 18 हजार 875 बहनों की मुफ्त यात्रा पर बलरामपुर डिपो ने 30 लाख दो हजार 856 रुपये खर्च किए। मोहनी व सृष्टि ने बताया कि रोडवेज बस से मुफ्त में दिल्ली का सफर करके अपने भाई का राखी बांधी। केतकी व सुनैना ने रोडवेज बस मुफ्त में सफर करके गोंडा में अपने भाइयों को रखी बांधी।
रणनीति रही सफल
रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में बहनों के मुफ्त सफर के लिए जो रणनीति तैयार की गई, वह पूरी तरह से सफल रही। इस दौरान सभी बहनों को शून्य रुपये का टिकट जारी किया गया।
गोपीनाथ दीक्षित, एआरएम