बलरामपुर। जीवन में सफलता के लिए विद्यार्थियों को परीक्षाओं की कठिन सीढि़यों को पार करना होता है। जिसमें हाईस्कूल भविष्य को संवारने की ओर बढ़ते कदम की पहली सीढ़ी है। मंगलवार को दोपहर बाद सीबीएसई ने हाईस्कूल परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया। अचानक आए परिणाम से विद्यार्थियों के चेहरे चमक उठे। उनके कदम घरों से निकले और परिणाम जानने विद्यालयों में पहुंच गए। परिणाम की जानकारी होने पर खुशी कई गुना बढ़ गई, उत्साह में कदमों व सपनों को उड़ान मिली। एक दूसरे से खुशियां साझा कीं, वहीं शिक्षकों का आशीर्वाद लिया। देर शाम तक विद्यालय के परिसर विद्यार्थियों के उत्साह पर दमकता रहा।
लक्ष्य तय कर सपनों को करेंगी साकार
सीबीएसई हाईस्कूल की परीक्षा की मेरिट में पहले स्थान पर काबिज शामिल कुदेशिया खान के पिता अशफाक अहमद शिक्षक व माता शबनम जहां गृहिणी हैं। दूसरों को टिप्स देते हुए कुदेशिया का कहना है कि समय प्रबंधन से पढ़ाई किया और शिक्षकों के मार्गदर्शन से सफलता हासिल की। वह भविष्य में चिकित्सक बनना चाहती हैं। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान ही चिकित्सक बनने के लिए नीट की तैयारी करेंगी। वह शुरू से ही डॉक्टर बनने का सपना संजोए हुई हैं।
चिकित्सक बन समाज की करनी है सेवा
हाईस्कूल की परीक्षा में पहला स्थान हासिल करने वाली अपूर्वा पांडेय के पिता राजेश कुमार पांडेय उद्योग विभाग में उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं। मां पूनम तिवारी राजकीय इंटर कॉलेज उतरौला में शिक्षक हैं। अपूर्वा चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना चाहती हैं। इंटर की पढ़ाई के साथ ही नीट की तैयारी करेंगी।
पाठ्यक्रम को समझकर की तैयारी, मिली सफलता
हाईस्कूल की परीक्षा में प्रथम स्थान पर काबिज दीपिका राठौर ने बताया कि हमेशा तैयारी पाठ्यक्रम को समझ कर करना चाहिए। गणित विषय में बेहतर अंक मिलते हैं, ऐसे में उनके सूत्रों का ध्यान करना चाहिए। सफलता के लिए एक निश्चित समय तय करके तैयारी कर सफलता हासिल की। बताया कि इंटरमीडिएट में भी उच्च स्थान हासिल करने का प्रयास होगा। दीपिका के पिता मदन चंद्र शिक्षक हैं और सुचित्रा गृहिणी हैं। दीपिका भविष्य में चिकित्सक बनना चाहती हैं। इंटर के साथ वह नीट की तैयारी करेंगी।
नियमित पढ़ाई और लिखकर की तैयारी
हाईस्कूल परीक्षा के मेधावी अदिति भार्गव के पिता अखिलेंद्र तिवारी व्यापारी हैं और मां स्मिता तिवारी गृहिणी हैं। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास के जरिए सफलता हासिल की। पढ़ाई पूरी लगन के साथ किया, जिससे के बल पर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया। कहा कि विषयों को समझकर ही परीक्षा की तैयारी की जाए, तो सफलता निश्चित है। वह इंटरमीडिएट में और बेहतर स्थान लाने का प्रयास करेंगी। वह सीविल सेवा में जाना चाहती हैं और आईएएस बनना चाहती हैं।
शिक्षा में कठिन परिश्रम जरूरी
हाईस्कूल की मेरिट में पूर्विद शुक्ला ने कहा कि शिक्षा में कठिन परिश्रम से ही सफलता संभव है। पढ़ाई में शाॅर्टकट नहीं चलता है। विषयों को समझने के लिए जरूरी है कि पढ़ाई के दौरान सक्रिय रहें। शिक्षकों से ही भ्रम दूर करें और पढ़ाई पूरी मेहनत के साथ करें। पूर्विद के पिता विवेक शुक्ल शिक्षक हैं और मां शिवांगी शुक्ल गृहिणी। पूर्विद का लक्ष्य इंजीनियर बनने का है।