बलरामपुर के ग्राम चिवटिहवा में तेंदुए की निगरानी करते ग्रामीण।
गौरा चौराहा/बलरामपुर। तुलसीपुर वन यूनिट के ग्राम चिवटिहवा में गन्ने के खेत में मंगलवार सुबह गोड़ाई कर रहे किसान पर तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया। घायल किसान को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गैसड़ी में भर्ती कराया गया है। वहीं, सोमवार रात तेंदुए ने गांव के ही एक किसान के बकरे को अपना निवाला बना लिया। गांव की झाड़ियों में तेंदुआ छिपा हुआ है। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
बच्चों व मवेशियों की सुरक्षा के लिए ग्रामीण बारी-बारी से रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर तेंदुए को पकड़कर जंगल में छोड़ने की मांग की है। तुलसीपुर यूनिट के ग्राम चिवटिहवा निवासी जूजू चौहान के मुताबिक, मंगलवार सुबह वे अपने गन्ने के खेत में गोड़ाई कर रहे थे, तभी गन्ने में छिपे तेंदुए ने जूजू पर हमला कर दिया। जूजू ने शोर मचाया तो अपने खेतों में कार्य कर रहे किसानों ने दौड़कर उनकी जान बचाई। भीड़ देखकर तेंदुआ खेत के पास स्थित झाड़ियों में भागकर छिप गया। रतनपुर चौराहे पर स्थित निजी केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद किसान को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गैसड़ी में भर्ती कराया गया।
वहीं, गांव के ही मन्नू यादव मंगलवार सुबह अपने खेत जा रहे थे। रविंद्र चौधरी के पोखरे के पास तेंदुए को देखा तो गांव की तरफ भागकर उन्होंने शोर मचाया। ग्रामीणों के पहुंचने पर तेंदुआ झाड़ियों में छिप गया। सोमवार की देर शाम गांव के चिल्हू चौहान के बकरे को तेंदुआ उठा ले गया। ग्रामीण रविंद्र चौधरी, महेंद्र चौधरी, सुनील चौधरी, पलटू प्रसाद, रक्षाराम व अविनाश चौधरी का कहना है कि तेंदुआ दो माह से गांव के पास घूम रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि गांव के पास पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए।
उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि चिवटिहवा गांव में वन विभाग की टीम भेजी गई है। टीम की रिपोर्ट पर गांव में पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ा जाएगा और उसे जंगल में छोड़ा जाएगा। ग्रामीणों को तेंदुए से सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।