बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में मरीज की जांच करते चिकित्सक।-संवाद
बलरामपुर। बदलती जीवनशैली व अनियमित खानपान लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। सेहत पर ध्यान न देने से आज हर दूसरा व्यक्ति उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) का शिकार है। गैर संचारी रोग क्लीनिक के आंकड़ों के मुताबिक 54 प्रतिशत युवा उच्च रक्तचाप से ग्रसित मिल रहे हैं।
उच्च रक्तचाप से बचाव और लोगों में जागरूकता लाने के लिए 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। इस दिन विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया जाता है। इस वर्ष विश्व उच्च रक्तचाप दिवस ‘अपने रक्तचाप को सटीक रूप से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जीवित रहे’ विषय पर मनाया जाएगा। गैर संचारी रोग विभाग के नोडल व एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मानव जीवन में उच्च रक्तचाप बहुत खतरनाक बीमारी है। चिकित्सा क्षेत्र में उच्च रक्तचाप को खामोश हत्यारा कहते हैं, जिसका लक्षण प्राय: मरीजों में नहीं दिखाई देता है। सही समय पर उपचार शुरू न करने से व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। ब्रेन स्ट्रोक और हृदय संबंधी 50 प्रतिशत मौतें उच्च रक्तचाप के कारण होती हैं।
54 प्रतिशत युवा हो रहे बीमार
जिला मेमोरियल अस्पताल स्थित गैर संचारी रोग क्लीनिक के चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि इस समय 54 प्रतिशत युवा उच्च रक्तचाप से ग्रसित हो रहे हैं। इनमें से 21 प्रतिशत लोगों का रक्तचाप ही नियंत्रित हो पाता है। एक जनवरी से 15 मई तक क्लीनिक में 550 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 270 से अधिक व्यक्ति उच्च रक्तचाप से प्रभावित मिले। इनमें से ज्यादातर की आयु 45 वर्ष से कम पाई गई है।
उच्च रक्तचाप से बचने के उपाय
- नियमित व्यायाम करें।
- तनाव से दूर रहें।
- पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले पदार्थ खाएं।
- नमक का सेवन कम करें।
- शराब और तंबाकू का सेवन न करें।