बलरामपुर। जिले के 2,333 ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ने और उन्हें रुचिकर ढंग से शिक्षित करने के उद्देश्य से राज्य शिक्षा संस्थान, प्रयागराज में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। बलरामपुर जनपद से तीन शिक्षकों का चयन जनपद स्तरीय मास्टर ट्रेनर के रूप में किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये शिक्षक जिले के अन्य शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण की तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे।
प्रयागराज में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बलरामपुर के प्रवक्ता गोविंद कुमार प्रदेश स्तरीय संदर्भदाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों को गतिविधि आधारित और बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराया जा रहा है। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि लंबे समय से विद्यालय से दूर रहे बच्चों को सरल, रोचक और गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान ऐसे नवाचारों और शिक्षण तकनीकों की जानकारी दी जा रही है, जिनसे बच्चों में सीखने की रुचि विकसित हो तथा उन्हें आनंददायक और सहभागी शिक्षण वातावरण मिल सके।
गोविंद कुमार ने बताया कि बलरामपुर से डायट प्रवक्ता सपना वर्धन का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। अगले बैच में डायट प्रवक्ता चंद्रमणि मिश्र, पवन कुमार वर्मा और वेद प्रकाश चौरसिया प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये सभी मास्टर ट्रेनर जिले के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे ड्रॉपआउट बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने का अभियान और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।