ललिया (बलरामपुर)। क्षेत्र के मकुनहवा कुटी आश्रम में आयोजित दो दिवसीय संत सम्मेलन का समापन सोमवार देर रात हुआ। इस अवसर पर चौका आरती, यज्ञ पूजन आदि अनेक कार्यक्रम हुए। दूर-दराज व पड़ोसी देश नेपाल से आए साधु-संत व महंतों ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में आसपास के गांवों व जिलों से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
समापन कार्यक्रम में तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल समेत अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। संत सम्मेलन में गुरु की महिमा का बखान व समाज में व्याप्त भेदभाव व कुरीतियों को दूर करने की बात कही गई। आयोजक महंत सत्यप्रकाश दास ने कहा कि गुरु ही जीवन का असली दीपक है, जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करने का काम करता है।
ललिया के महंत सुरेंद्र नाथ दास ने कहा कि परमात्मा एक है, उसे खोजने की जरूरत नहीं है, बल्कि आपका भाव परमात्मा के प्रति समर्पित होना चाहिए। महंत यज्ञ नारायण दास महाराज ने कहा कि समाज में भेदभाव व कुरीतियों को मिटाने की आवश्यकता है क्योंकि ईश्वर ने सभी को एक ही तरह धरती पर जन्म दिया है। काशी के संत निर्मल गिरी महाराज ने कहा कि व्यक्ति मनुष्य से तो चोरी कर सकता है लेकिन परमात्मा से नहीं। मथुरा-वृंदावन के संत राघवेंद्र शास्त्री ने कहा कि संत सम्मेलन में बड़े-बड़े संत महंतों का दर्शन प्राप्त होने का अवसर मिलता है।
आश्रम के प्रबंधक कमलेश दास ने बताया कि संत सम्मेलन में नेपाल के दिगंबर दास, रामजीवन दास, रामानुजाचार्य, स्वामी अनंतराम देवाचार्य, कृष्णानंद गिरि, हरिश्चंद्र दास, स्वामी अचरज सरस्वती, सत्य स्वरूपा नंद, राघवानंद गिरि, ब्रह्मस्वरूपानंद गिरि, परमानंद दास, दामोदर दास, शरणानंद महराज, महंत चरणदास त्यागी, दयानंद दास, अद्वैतानंद गिरि समेत अनेक साधु-सताें में भाग लिया।