फोटो-46-बलरामपुर के जनकपुर स्थित कार्यालय में मौजूद लोग।-स्रोत : विभाग
जरवा। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग की तुलसीपुर रेंज के जनकपुर स्थित कार्यालय में बुधवार को विश्व हाथी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में वन अधिकारियों और कर्मचारियों ने हाथियों के संरक्षण की आवश्यकता और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में लोगों को जागरूक किया।
वन क्षेत्राधिकारी अमर जीत प्रसाद ने कहा कि हाथी केवल जंगल की शोभा नहीं हैं, बल्कि वे पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार हाथियों को इकोसिस्टम इंजीनियर और क्लाइमेट हीरो के रूप में भी देखा जाता है।
उन्होंने बताया कि एक वन हाथी करीब 250 एकड़ क्षेत्र के जंगल की कार्बन अवशोषण क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है। यह क्षमता लगभग 2,047 कारों से एक वर्ष में होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने के बराबर मानी जाती है। उन्होंने कहा कि एक हाथी की कार्बन कैप्चर सेवा का आर्थिक मूल्य लगभग 1.75 मिलियन डॉलर तक आंका गया है।
वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि जंगल में विचरण के दौरान हाथी छोटे और कम कार्बन संग्रह करने वाले पेड़ों को खाते या नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे बड़े और अधिक कार्बन संग्रहित करने वाले वृक्षों को बढ़ने के लिए पर्याप्त स्थान और प्रकाश मिलता है। इससे वन पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है और जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम में वन दरोगा अखिलेश गुप्ता, जाहिद, राजाराम सहित आसपास के गांवों के कई नागरिक उपस्थित रहे।