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वीआइपी सीट-293-उतरौला जनपद बलरामपुर

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बलरामपुर। उतरौला विधान सभा क्षेत्र में प्रत्याशियों की हार जीत का फैसला वोटों के ध्रुवीकरण पर अटका दिखने लगा है। मुस्लिम मतों की बहुलता वाली इस सीट पर सबकी निगाहें अब जातिगत समीकरणों के गुणा भाग पर टिकी हैं। मतदाताओं को अपने अपने पक्ष में जुटाने के लिए भाजपा व सपा के साथ ही कांग्रेस व बसपा प्रत्याशियों ने भी पूरी ताकत झोक दी है। एआईएमआईएम भी इस सीट पर मैदान में है। ऐसे में सपा प्रत्याशी एमवाई फैक्टर को जीत का आधार मान रही है जबकि भगवा खेमा मुस्लिम मतों के सापेक्ष हिन्दू वोटों का ध्रुवीकरण अपने पक्ष में करने में जुटा है। ताकि मुस्लिम मतों का बंटवारा कांग्रेस, बसपा व एआईएमआईएम के बीच होने का सीधा फायदा उसे मिल सके।
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वर्ष 2009 में गोंडा लोकसभा में शामिल बलरामपुर जिले की उतरौला सीट पर इस बार चुनावी मुकाबला काफी रोचक है। इस सीट पर वर्ष 2017 में भाजपा के राम प्रताप वर्मा ने जीत दर्ज की थी। इससे पहले 2012 में यह सीट सपा के आरिफ अनवर हाशमी ने जीती थी। सपा ने यह सीट अबकी बार गठबंधन में शामिल जनवादी सोशलिस्ट पार्टी को दी है। जनवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हसीब खान सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। हसीब खान क्षेत्र के पुराने सपाईयों तथा टिकट के दावेदारों को एकजुट करने में जुटे हैं। इसी बीच भाजपा के पुराने पदाधिकारी राम दयाल यादव ने समर्थकों के साथ सपा का दामन थाम भगवा खेमे में खलबली मचा दी है। कांग्रेस ने इस सीट पर पार्टी के प्रदेश सचिव पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू को मैदान में उतारा है और हिंदू-मुस्लिम दोनों वोटों में इनकी अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है।
इसके इतर बसपा ने यहां से नए चेहरे राम प्रताप वर्मा उर्फ पहलवान पर दांव लगाया है। वर्ष 2012 में यहां से पीस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके नेत्र सर्जन डॉ. अब्दुल मन्नान खां इस बार ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के टिकट पर मैदान में हैं। इस सीट पर दलित, कुर्मी, यादव व वैश्य और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या चुनाव परिणाम तय करने में हमेशा निर्णायक रही है।
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स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदाता मुखर
महदेइया के संतोष कुमार का कहना है कि बाढ़ की विभीषिका लाख प्रयास के बाद भी नहीं रुक रही है। बांक भवानी के एके सिंह का कहना है कि छुट्टा जानवर किसानों व राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। गोशालाओं का निर्माण तो हुआ लेकिन इनका संचालक ठीक से नहीं किया गया। शुक्लागंज के किसाल बलिराम बताते हैं कि नकदी फसल गन्ने का भुगतान सरकार समय से नहीं करा पाई। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान व गेहूं की खरीद काफी प्रभावित रही। यही वजह है कि हमें अपनी उपज मजबूरन बिचौलियों के हाथ बेंचनी पड़ी। वहीं मंसूर अली ने कहा कि मतदान स्थानीय मुद्दों पर ही सोच समझ कर करेंगे।
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वर्ष 2017 का चुनाव परिणाम
राम प्रताप वर्मा भाजपा 85062
आरिफ अनवर हाशमी सपा 55926
परवेज अहमद उर्फ परवेज उमर बसपा 44684
कुल मतदाता 431883
पुरुष 236525
महिला 195328
थर्ड जेंडर 30
मुस्लिम 1.25 लाख
वर्मा 70 हजार
यादव 45 हजार
वैश्य 25 हजार
ब्राह्मण 30 हजार
ठाकुर 20 हजार
दलित 75 हजार
अन्य 41 हजार
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