बलरामपुर। खलीलाबाद- बहराइच रेल लाइन परियोजना से जिले को बड़ी सौगात मिलेगी। 4940 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से शहर के दोनों रेलवे स्टेशन बलरामपुर व झारखंडी का स्वरूप परिवर्तित कर उसे जंक्शन का दर्जा मिलेगा। इसके साथ ही 240 किमी लंबी रेल लाइन बिछने से जिले में सात नए रेलवे स्टेशन भी बनेंगे। इससे आने वाले दिनों में रेलयात्रियों का सफर सुहाना बन सकेगा।
केंद्र सरकार ने खलीलाबाद से बलरामपुर - श्रावस्ती होते हुए बहराइच तक नई रेल लाइन बिछाने की 4940 करोड़ रूपये लागत की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत गोरखपुर से बांसी तक लगभग 55 किमी रेल लाइन बिछाई जाने के बाद बलरामपुर जिले से होकर रेलवे लाइन गुजरेगी। संतकबीरनगर व सिद्धार्थनगर के साथ ही बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच सहित कुल पांच जनपद को जोड़ने वाले गोरखपुर-बहराइच रूट के इस नए रेलमार्ग में कुल 32 स्टेशन बनेंगे। इसमें चार जंक्शन, 16 क्रासिंग और 12 हाल्ट स्टेशन होंगे। इससे शहर के बलरामपुर व झारखंडी स्टेशन के जंक्शन बनने के साथ ही हसुवाडोल, खगई जाेत, महेशभारी, श्रीदत्तगंज, कपऊवाशेरपुर, ऊतरौला, चिरकुटिहा, बंजरहा में नए रेलवे स्टेशन विकसित होंगे।
प्रस्तावित प्रोजेक्ट में रेल लाइन पर नौ ओवर ब्रिज तथा 132 अंडरपास बनाए जाएंगे। इस रेलमार्ग के निर्माण के लिए कुल 1060 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने नई रेल लाइन का नक्शा तैयार कर लिया है। नई रेल लाइन पर ट्रेनें 160 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ सकेगी। इस रूट को भी अधिकतम 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लायक बनाया जाएगा।
जिले में गोडा- बलरापुर - गोरखपुर रेल मार्ग था। जो तुलसीपुर से बढ़नी होते हुए गोरखपुर गया है। इस कारण बहराइच, श्रावस्ती की ओर से कोई रेल लाइन नहीं थी। संतकबीरनगर, बस्ती व सिद्वार्थनगर जिले की बांसी व डुमरियागंज तहसील के लिए भी रेल लाइन नहीं थी। इससे हसुवाडोल, खगई जाेत, महेशभारी, श्रीदत्तगंज, कपऊवाशेरपुर, ऊतरौला, चिरकुटिहा, बंजरहा समेत तीन दर्जन से अधिक गांवों के लिए ट्रेन की सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। नई रेल लाइन से जिले के लोगों के साथ ही सिद्वार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, बहराइच व श्रावस्ती के लिए लोगों को सीधी रेल सेवा की सुविधा मिल सकेगी।
पूर्वोत्तर रेलवे परामर्शदात्री समिति के क्षेत्रीय सदस्य पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि नई रेलवे लाइन से बलरामपुर जिले के साथ ही पांच जिलों के लोगों को बेहतर सुविधा हासिल होगी। बलरामपुर व झारखंडी रेलवे स्टेशन के जंक्शन बनने से एक साथ तीन ट्रेन अब गुजर सकेंगी। वहीं जिन क्षेत्राें में रेल लाइन नहीं थी, वहां भी सुविधाएं बढ़ेंगी।