बलरामपुर के शाहपुर इटई में बन रहा नापेड।
बलरामपुर। पंचायतों में संचालित विकास कार्यों को जल्द ही फिर से रफ्तार मिलेगी। इसके लिए इसी माह के अंत तक पंचायतों को 44 करोड़ रुपये की धनराशि का बड़ा बजट मिलने की की पूरी उम्मीद है। विभागीय लापरवाही के कारण केंद्रीय अंश के बतौर मिलने वाली उक्त धनराशि का बजट नए वित्तीय वर्ष में अभी तक अटका था। इससे जिले की 793 पंचायतों में रुके हुए नए निर्माण कार्य जहां फिर से शुरू हो सकेंगे वही अधूरे कार्यों को भी रफ्तार मिलेगी।
स्वच्छ भारत मिशन से भी पंचायतों को बीते अगस्त माह तक बजट नहीं मिल सका था। इससे पंचायतों में संचालित स्वच्छता मुहिम को झटका लगा है। सितंबर माह में स्वच्छ भारत मिशन से 455 पंचायतों को 38 करोड़ 75 लाख का बजट मिला। इसके बावजूद केंद्र से मिलने वाले पंचायत विकास योजना से 44 करोड़ का बजट अटका रहा। क्योंकि जिम्मेदारों ने योजना के तहत वर्ष 2021- 22 में खर्च बजट राशि की आडिट रिपोर्ट नहीं भेजी थी। डीएम के हस्तक्षेप के बाद लंबित रिपोर्ट अब केंद्र को भेजी गई है। इससे केंद्र से मिलने वाले बजट की राह खुल गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इससे इस माह के अंत तक लंबित बजट राशि मिल जाने से पंचायतों में अटके विकास कार्य शुरू हो सकेंगे।
पंचायतों में अटके कई प्रमुख निर्माण कार्य
बजट न मिलने से पंचायतों में कई तरह के कार्य प्रभावित हैं। बीते वित्तीय वर्ष 2022-23 में भी राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त आयोग की 11 करोड़ रुपये की राशि पंचायतों में अवशेष थी। बजट न मिल पाने से पंचायतों में सचिवालय के निर्माण व मरम्मत के साथ ही सीसीरोड, गो- आश्रय केंद्र, आपरेशन कायाकल्प के साथ ही नाली निर्माण, हैंडपंपों का मरम्मत आदि के कार्य अटके पड़े हैं।
पंचायतों को केंद्र से मिलने वाला बजट इस माह आने की उम्मीद है। जो भी कमी थी उसे दूर करा दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन से बजट मिल चुका है, उससे कार्य कराए जा रहे हैं।
श्रेया उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी