बलरामपुर। शहर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में बृहस्पतिवार सुबह आठ छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। दो छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ीं। इससे अफरातफरी मच गई। आननफानन में शिक्षिकाएं पूजा और मानसी बीमार छात्राओं को लेकर जिला मेमोरियल अस्पताल पहुंचीं, जहां डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया।
बीमार छात्राओं में कृतिका, फरजाना, सीबा, खुशबू, अंशिका, सुभावती, उमा और दीपा शामिल हैं। सभी छात्राएं आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। विद्यालय की वार्डेन संध्या यादव ने बताया कि विद्यालय में करीब 170 छात्राएं निवास कर रही हैं। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और बिजली संकट के कारण हालात बेहद खराब हैं।
स्कूल का जनरेटर खराब पड़ा है और सोलर सिस्टम से सभी 25 पंखे एक साथ नहीं चल पाते। उन्होंने बताया कि लगातार बिजली कटौती के कारण छात्राएं दो दिनों से ठीक से सो नहीं पा रही थीं। उमस और गर्मी के चलते कई छात्राओं की हालत कमजोर हो गई थी।
बृहस्पतिवार सुबह नाश्ता में दलिया खाने के बाद अचानक कुछ छात्राओं को चक्कर आने लगा। छात्राओं के बीमार होने की खबर मिलते ही अस्पताल में भी हलचल बढ़ गई। अपनी सहेलियों को स्ट्रेचर पर ले जाते देख अन्य छात्राएं घबराई नजर आईं। शिक्षिकाएं पूजा और मानसी उन्हें संभालती रहीं और हिम्मत बंधाती रहीं।
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलरामपुर की स्वास्थ्य टीम ने छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। सीएमओ ने बताया कि सभी छात्राओं की हालत फिलहाल सामान्य है।
फूड पॉइजनिंग के नहीं मिले लक्षण
जिला मेमोरियल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि छात्राओं में फूड पॉइजनिंग के लक्षण नहीं पाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में मामला अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण शरीर पर पड़े प्रभाव का प्रतीत हो रहा है। छात्राओं को बेहोशी, सिरदर्द, बदन दर्द और बुखार की शिकायत थी। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया है। शिक्षिकाओं ने भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों में अवकाश घोषित करने की मांग की है।