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Balrampur News: दो माह में सांप के काटने से आठ की मौत, पांच परिवारों को मिला मुआवजा

Sun, 26 Jul 2026 10:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर। बरसात के मौसम में जिले में सांप के काटने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। पिछले करीब दो माह में सांप के काटने से आठ लोगों की मौत हुई, जबकि समय पर इलाज मिलने से 147 लोगों की जान बचाई जा सकी। मृतकों में से पांच परिवारों को राज्य सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिल गई, लेकिन तीन मामलों में पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण आश्रित सरकारी मुआवजे से वंचित रह गए।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जून और जुलाई में जिले में सांप के काटने के कुल 155 मामले दर्ज किए गए। इनमें अधिकांश घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों के खेतों, जलभराव वाले स्थानों और झाड़ियों के आसपास हुईं। समय पर उपचार मिलने से 147 मरीज स्वस्थ हो गए, जबकि आठ लोगों की मृत्यु हो गई।

जिला आपदा सलाहकार अरुण सिंह ने बताया कि सांप के काटने से मृत्यु के बाद आर्थिक सहायता के लिए पांच परिवारों ने आवेदन किया था। जांच पूरी होने के बाद सभी को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि जारी कर दी गई। उन्होंने बताया कि सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य हैं।
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हालांकि तीन परिवारों ने सामाजिक और भावनात्मक कारणों से पोस्टमार्टम नहीं कराया। रेहराबाजार क्षेत्र के सराय खास (तिवारी पुरवा) निवासी सहदेव (50) की मौत के बाद उनकी पत्नी मीरा देवी ने बताया कि परिवार सरकारी औपचारिकताओं से बचना चाहता था। वहीं महाराजगंज तराई क्षेत्र के बदलपुर गांव में दस वर्षीय दानिश की मौत के बाद उसके पिता सलीम ने भी पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। उनका कहना था कि बेटे को खोने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराना स्वीकार नहीं था।

पोस्टमार्टम नहीं कराने से छूट जाती है सरकारी सहायता

सांप के काटने से मौत होने पर कई परिवार सामाजिक मान्यताओं और शव के पोस्टमार्टम को लेकर बनी भ्रांतियों के कारण यह प्रक्रिया नहीं कराते। नतीजतन मृत्यु का चिकित्सकीय प्रमाण उपलब्ध नहीं हो पाता और सरकारी आर्थिक सहायता का लाभ नहीं मिल पाता।

महामारी विशेषज्ञ डॉ. श्यामजी श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की कि किसी भी असामान्य मृत्यु की स्थिति में पोस्टमार्टम अवश्य कराया जाए। इससे मृत्यु का सही कारण स्पष्ट होता है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सरकारी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आसान हो जाती है।
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