फोटो-1-बलरामपुर के बीएसए कार्यालय में बैठक को संबोधित करते बीएसए डॉ. रामचंद्र व अन्य।-संवाद
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बलरामपुर। जिले के 70 कंपोजिट विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को टैबलेट से गणित, विज्ञान व हिंदी के विषयों को पढ़ाने की तैयारी की जा रही है। सभी विद्यालयों को 10.46 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर 3500 टैबलेट दिए जाएंगे। टैबलेट से पढ़ाई करने वाले 21 हजार छात्र-छात्राओं के बौद्घिक क्षमता में विकास होगा। बेहतर संसाधनों से पढ़ाई होने पर बेसिक शिक्षा के इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। नीति आयोग व सहयोगी संस्थाओं की टीमें विद्यालयों का भ्रमण करके टैबलेट से पढ़ाई कराने का ब्यौरा जुटा रही हैं।
मंगलवार को ये बातें बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बेसिक शिक्षा दफ्तर में नीति आयोग, डेल फाउंडेशन व ईडी टेक संस्था के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कही। कहा कि जिले में पायलेट प्रोजेक्ट के रुप में विद्यार्थियों को टैबलेट से पढ़ाने की योजना शुरू की गई है। डीएसटीओ संजीव कुमार ने कहा कि टैबलेट खरीदने के लिए नीति आयोग की तरफ से 10.46 करोड़ रुपये मुहैया कराए गए हैं। इस धनराशि से 3500 टैबलेट खरीदे जाएंगे। प्रत्येक विद्यालयों को 50-50 टैबलेट दिए जाएंगे।
अपर डीएसडीओ रंजीत कुमार ने टैबलेट में ऐसे साफ्टवेयर डेवलप किये गये हैं। जिनसे विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान व हिंदी के विषयों को क्रमबद्ध तरीके से पढ़ाया जा सकेगा। सदर शिक्षा क्षेत्र की आदर्श प्राथमिक विद्यालय धुसाह की प्रधानाध्यापिका प्रतिमा सिंह ने टैबलेट में मौजूद पढ़ाने वाले साफ्टवेयर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नीति आयोग की सदस्य वंशिका, डेल फाउंडेशन की सदस्य सुनौना व श्रद्घा ने योजना के बारे में विस्तार से बताया। बेसिक शिक्षा कार्यालय के सहायक संजय श्रीवास्तव ने कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत चयनित 70 कंपोजिट विद्यालयों के 20 हजार 809 छात्र-छात्राओं को टैबलेट से पढ़ाई करने का लाभ मिलेगा। बीएसए ने डीसी निरंकार पांडेय व मोहित देव त्रिपाठी को 31 जनवरी तक चयनित सभी विद्यालयों का स्थलीय भ्रमण कराने का जिम्मा सौंपा।