जरवा। शिक्षाक्षेत्र गैसड़ी के कंपोजिट विद्यालय चैनपुर निश्चलपुर में भवनों की कमी के चलते शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कक्षा एक से आठ तक के करीब 150 छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय में केवल तीन उपयोगी कमरे बचे हैं। ऐसे में सभी कक्षाओं के बच्चों को इन्हीं कमरों में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। जर्जर भवनों के कारण छात्रों को वहां से हटाकर सुरक्षित कमरों में बैठाना पड़ रहा है।
विद्यालय का अतिरिक्त कक्ष लंबे समय से जर्जर है। वहीं प्राथमिक विद्यालय का भवन भी करीब दो वर्षों से खराब स्थिति में था, जिसे अब निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। भवन अनुपयोगी होने के बाद कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को भी उच्च प्राथमिक विद्यालय के उपलब्ध कमरों में बैठाया जा रहा है। इससे कमरों में छात्रों की संख्या बढ़ गई है और पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है।
विद्यालय में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एलसीडी टीवी लगाया गया है, लेकिन बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित कक्ष उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में डिजिटल शिक्षा की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
छात्र विजय, संतोष, अमित, निर्मला, प्रार्थना, सलमान और शाबान ने बताया कि तीन कमरों में ही सभी कक्षाओं की पढ़ाई होती है। अभिभावक छट्टीराम, रईस अहमद और बबलू ने विद्यालय में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की मांग की। ग्राम प्रधान अरशद खान ने भी समस्या का जल्द समाधान कराने की आवश्यकता जताई।
प्रधानाध्यापक ने अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
प्रधानाध्यापक रणवीर सिंह ने बताया कि विद्यालय में 150 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। उनके लिए तीन कक्ष, एक रसोईघर और प्रधानाध्यापक कार्यालय उपलब्ध है। अतिरिक्त कक्ष जर्जर होने के कारण उपयोग में नहीं हैं। प्राथमिक विद्यालय का भवन भी करीब दो वर्षों से जर्जर था, जिसे अब निष्प्रयोज्य घोषित किया गया है। इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है।
खंड शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार वर्मा ने बताया कि जर्जर भवन को ध्वस्त कराने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। भवन ध्वस्तीकरण के बाद एसीआर (अतिरिक्त कक्षा कक्ष) अथवा नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।