बलरामपुर। जिले में टीबी मरीज खोजने में लापरवाही करने वाले 13 सीनियर ट्रीटमेंट सुरवाइजर/सीनियर ट्रीटमेंट लैब सुरवाइजरों का वेतन रोक दिया गया है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीज खोजने में खराब प्रदर्शन करने पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में बीते दिन टीबी रोगी खोजो अभियान की समीक्षा की गई। गैसड़ी के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एसटीएस) अंकित श्रीवास्तव, सीनियर ट्रीटमेंट लैब सुपरवाईजर (एसटीएलएस) अमित कुमार पांडेय, पचपेड़वा के एसटीएस महेंद्र सिंह रावत, शिवपुरा के एसटीएस ओम प्रकाश वर्मा, एसटीएलएस संदीप कुमार, श्रीदत्तगंज के सौरभ यादव, तुलसीपुर के मनोज कुमार, पवन कुमार, उतरौला के आशीष कुमार यादव, दिनेश भूषण तिवारी, बलरामपुर के शिवेंद्र सिंह, सूर्यमणि त्रिपाठी व महराजगंज तराई के कृपा शंकर यादव की ओर से ग्राम पंचायतों में टीबी मरीज खोजने में लापरवाही बरतने की बात सामने आई।
सीएमओ ने सभी कर्मियाें का दिसंबर का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। सीएमओ ने बैठक में टीबी उन्मूलन की वर्तमान प्रगति, चुनौतियों और आगामी रणनीति पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त अभियान भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, इसलिए किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी टीबी यूनिट अपने क्षेत्र में टीबी मरीज खोजने में समयबद्ध व पारदर्शिता लाएं। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजय कुमार शुक्ल, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्र, जिला कार्यक्रम समन्वयक अविनाश सिंह, सूर्यमणि तिवारी व महेंद्र शुक्ल आदि मौजूद रहे।