बलरामपुर। प्रयोग न होने की दशा में जिले के कई विभागों ने बुधवार को करोड़ों रुपये का बजट सरेंडर कर दिया है। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सभी विभागों में बजट सरेंडर व प्रयोग को लेकर दिन भर आपाधापी मची रही। कोषागार में भी देर रात तक अफसर व कर्मी विभागों के बजट को खपाने में जुटे रहे। सभी विभागों के विभागाध्यक्षों ने शासन को सरेंडर धनराशि की प्रगति रिपोर्ट भेज दी है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि बुधवार को वित्तीय वर्ष 2020-21 का अंतिम दिन रहा है। देर रात तक काम करके कोषागार में सहायक कोषाधिकारी राजीव कन्नौजिया, लेखाकार सुनील कुमार, मनीष जायसवाल व दिनेश यादव आदि की टीम जिले के सभी विभागों के बजट को दुरुस्त कराने में जुटी रही।
कई विभागों में देर रात तक बजट को खपाने और सरेंडर करने के लिए अधिकारी व कर्मचारी माथापच्ची करते रहे। डीएम श्रुति की तरफ से सभी विभागों के आहरण व वितरण अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि 31 मार्च को प्रत्येक दशा में भुगतान करने संबंधी सभी बिल दोपहर दो बजे तक हरहाल में कोषागार में प्रस्तुत कर दें जिससे निर्धारित समय के अंदर सभी बिलों का परीक्षण करके भुगतान कराया जा सके।
दोपहर दो बजे के बाद किसी भी प्रकार के देयक कोषागार में स्वीकार नहीं किए जाएंगे और किसी भी धनराशि के लैप्स होने की स्थिति में आहरण व वितरण अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। सभी विभागों के कार्यालय अध्यक्षों ने अपने-अपने विभागों के विभागाध्यक्षों को बजट सरेंडर करने की रिपोर्ट पहले से ही भेज दी और भुगतान संबंधी रिपोर्ट भी कोषागार में प्रस्तुत की गई है।