बलरामपुर। छोटी-छोटी बातों पर बिखरने वाले परिवारों को जोड़ने में परामर्श केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है। महिला थाना में रविवार को पारिवारिक विवादों की सुनवाई कर परामर्शदाताओं ने सुलह-समझौता कराया। 19 में दो मामलों का निस्तारण हुआ। डेढ़ साल से बिखरा परिवार एक साथ रहने को राजी हो गया।
परिवार परामर्श केंद्र में आई शिकायतों के आधार पर दोनों पक्षों को बुलाया गया था। सभी मामले पति- पत्नी के बीच रहे, जो विवाद होने के बाद से अलग रह रहे हैं। सुनवाई में तुलसीपुर थाना क्षेत्र के एक मामले में प्रेम विवाह रास नहीं आया तो पति-पत्नी ने एक दूसरे का साथ छोड़ दिया। समझाने के बाद अगली तारीख पर फिर बुलाया गया है। थाना महराजगंज तराई क्षेत्र का एक मामला पत्नी की जिद का मिला। पति व ससुर साथ ले जाने को तैयार थे, लेकिन पत्नी ने जाने के लिए हस्ताक्षर नहीं किया। इन्हें भी अगली तारीख पर बुलाया गया है। तुलसीपुर थाना क्षेत्र के एक मामले में दो बच्चे होने के बाद पति-पत्नी अलग हो गए। परामर्शदाताओं ने पूरी बात सुनी और पति-पत्नी को समझाया, आपसी समझ के बाद दोनों एक साथ जाने को तैयार हो गए। ललिया थाना क्षेत्र के एक मामले को न्यायालय भेज दिया गया। परामर्शदाता अरुण कुमार यादव, देवतादीन दुबे, महिला थाना प्रभारी विनीता चतुर्वेदी एवं महिला कांस्टेबिल ज्योति व मनीषा ने सुनवाई के दौरान आपस में मिलजुल कर रहने के तरीके बताए। साथ ही पति-पत्नी को समझाया कि पारिवारिक तरक्की के लिए एक साथ रहना चाहिए। बच्चों के भविष्य पर पारिवारिक विवाद का असर पड़ता है।
17 मामलों में दोनों पक्षों को बुलाने के दिए गए निर्देश
एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिन 17 मामलों में समझौता नहीं हाे सका, उन्हें आगे सुना जाएगा। कुछ मामलों में दूसरे पक्ष से जुड़े अन्य लोग नहीं आ सके थे, उन्हें भी बुलाने के लिए संबंधित थानों को सूचना दी गई है। इसके अलावा जिस एक तीन मामले में समझौता हुआ है, दोनों पक्ष की लिखापढ़ी करा ली गई है। प्रत्येक 15 दिनों में परिवार की खैरियत भी महिला थाने से जानी जाएगी। जिससे फिर किसी तरह का विवाद न होने पाए।
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