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Balrampur News: दीवान के दांवपेंच से पुलिस अफसरों को छूट रहे पसीने

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बलरामपुर। कोतवाली देहात में महिला आरक्षी के साथ हुई छेड़खानी के मामले में जांच फाइलों में दबी है। मुख्यमंत्री और मंडल महानिरीक्षक की सख्ती के बाद भी अधिकारी फाइल पलटने में ही कसरत कर रहे हैं। प्रकरण अब सिर्फ एक महिला आरक्षी तक ही सीमित नहीं रह गया है, कई महिला कर्मियों की आस प्रकरण में कार्रवाई से जुड़ी हैं। देरी से उनकी उम्मीदें टूट रहीं हैं। माना जा रहा है कि आरोपियों में शामिल दीवान का मैनेजमेंट ऐसा है कि कार्रवाई में अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
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होली के दूसरे दिन जिस तरह की हरकत थाने के भीतर हुई, उसके जिम्मेदार छह पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई से बड़ा संदेश जाने की उम्मीद महिला कर्मियों की है। कुछ महिला कर्मियों ने कहा कि पुलिस विभाग में एक ही मामला नहीं है, इस मामले में कार्रवाई से कई मनबढ़ों को सबक मिलेगा। वह भी मानती हैं कि जांच रिपोर्ट न मिलने से पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई नहीं की होगी। वैसे जिले के कई मामलों में फौरी कार्रवाई हो चुकी है। अभी बीते 8 नवंबर को ही शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर ही आठ पुलिसकर्मी लाइन हाजिर किए जा चुके हैं। लेकिन इतने गंभीर मामले में चुप्पी से हर कोई हैरत में है। वहीं, एक महिला अधिकारी का कहना है कि कार्रवाई हो चुकी होगी, यह अलग बात है कि मामला बाहर नहीं आया।
आंतरिक जांच की भी तय है समय सीमा
पुलिस में आंतरिक जांच की समय सीमा तय है। सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि कोई समिति तीन माह से अधिक का समय नहीं ले सकती। ज्यादा जरूरी होने या कमेटी के अध्यक्ष के स्थानांतरण आदि से दोबारा कमेटी बन सकती है, जिसके लिए भी समय सीमा तय करनी चाहिए। आरोप गंभीर है, ऐसे में कार्रवाई भी गंभीर होनी चाहिए। इसी तरह सेवानिवृत्त शिक्षक एसपी मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान में आने के बाद भी देरी से समाज में गलत संदेश जाएगा। अधिकारियों को मामले में ठोस कदम जल्द उठाना चाहिए।
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